जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: संसदीय कार्य, कोयला एवं खान मंत्री, रेलवे राज्य मंत्रियों और सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने ‘आज़ादी की रेलगाड़ी और स्टेशन’ के समापन समारोह में भाग लिया। सप्ताहभर चले समारोहों के दौरान उत्तर रेलवे के मंडलों पर अनेक गतिविधियां संचालित की गयीं। स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े 8 रेलवे स्टेशनों और 5 रेलगाडि़यों को प्रदर्शित किया गया। प्रहलाद जोशी संसदीय कार्य, कोयला एवं खान मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे, रेल, कोयला एवं खान राज्य मंत्री (वीसी के माध्यम से), दर्शना जरदोश, रेल एवं कपड़ा राज्य मंत्री, प्रतिमा भौमिक, सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री ने नई दिल्ली में ‘आज़ादी की रेलगाड़ी और स्टेशन’ के थीम से जुड़े साप्ताहिक के समापन समारोह में भाग लिया। समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ वीके त्रिपाठी, रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्यगण, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, आशुतोष गंगल, रेलवे बोर्ड व उत्तर रेलवे के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी और कुछ के परिवार के सदस्य मौजूद थे, कई अन्यों ने देश के विभिन्न हिस्सों से वीसी के माध्यम से समापन समारोह में शिरकत की। सभी क्षेत्रीय रेलवे भी ऑन लाइन माध्यम से समारोह में शामिल हुईं। स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित देश के 75 रेलवे स्टेशनों और 27 रेलगाडि़यों के महत्व को रेखांकित करने वाली दो फ़िल्में भी दिखाई गयी। समारोह के दौरान आईआरसीटीसी द्वारा संचालित एक नई ट्रेन, ‘भारत गौरव दिव्य काशी आदि अमावस्या एक्सप्रेस’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मदुरै से झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

देश इस वर्ष आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है। इस संबंध में भारत के गौरवशाली इतिहास से लोगों और युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से व स्वतंत्रता संग्राम में रेलवे की भूमिका को रेखांकित करने के लिए भारतीय रेलवे ने सप्ताहभर चलने वाले समारोहों का आयोजन किया। ये समारोह बड़ी संख्या में लोगों और यात्रियों में देशभक्ति की भावना जगाने में सफल रहे।
उत्तर रेलवे पर आयोजित आइकॉनिक सप्ताह (18-23 जुलाई, 2022) पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया । स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं से जुड़े उत्तर रेलवे के 8 रेलवे स्टेशनों-पलवल और मेरठ (दिल्ली मंडल), पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल (जि़ला सहारनपुर) और काकोरी (मुरादाबाद मंडल), खटकरकलां, भगतांवाला और अमृतसर (फि़रोजपुर मंडल), चारबाग (लखनऊ मंडल) और सुनाम उधमसिंह वाला (अम्बाला मंडल) तथा 5 रेलगाडि़यों – 12953/54 अगस्त क्रांति एक्सप्रेस (मुम्बई सेंट्रल-हज़रत निज़ामुद्दीन), 15273/74 सत्याग्रह एक्सप्रेस (रक्सौल जं0-आनंद विहार टर्मिनल), 12312/11 नेताजी एक्सप्रेस (कालका-हावड़ा जं0), 13005/06 हावड़ा मेल (हावड़ा जं0-अमृतसर) और 12903/04 फ्रंटियर मेल (मुम्बई सेंट्रल-अमृतसर) को चिन्हित किया गया था।
साप्ताहिक समारोहों के दौरान उत्तर रेलवे की स्टेशन इमारतों पर रोशनी और सजावट की गयी। स्टेशनों पर फोटो गैलरी और डिस्प्ले लगाए गए। स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर वीडियो क्लिप दिखाई गयीं और देशभक्ति के गीत बजाये गए। साथ ही, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्टेशन की भूमिका से जुड़े नुक्कड नाटकों का मंचन किया गया। चिन्हित की गयी रेलगाडि़यों को सजाया गया। स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा 12903/04 फ्रंटियर मेल (मुम्बई सेंट्रल-अमृतसर) को अमृतसर से और उनके परिजनों द्वारा 12953/12954 अगस्त क्रांति एक्सप्रेस (मुम्बई सेंट्रल-हज़रत निज़ामुद्दीन) को हज़रत निज़ामुद्दीन से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में झंडी दिखाकर रवाना किया गया। संबंधित नगरों के लोगों विशेषकर युवाओं और स्थानीय प्रशासन के सदस्यों ने भी बड़े उत्साह के साथ समारोह में भाग लिया।

