Saturday, March 14, 2026
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भाएपा अध्यक्ष से रंगदारी मांगने का आरोप

  • पुलिस बता रही पैसे के लेन-देन का मामला
  • डेढ़ गुनी रकम करने के बहाने पहले भी लोगों से करोड़ों ठग चुका जर्रार

जनवाणी संवाददाता |

किठौर: कस्बा निवासी एक युवक पर भाएपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से तमंचे के बल पर 20 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी को तमंचे सहित हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला पैसे के लेन-देन का निकला।
भारतीय एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जर्रार अहमद नकी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:30 बजे वह किठौर स्थित पार्टी कार्यालय पर बैठा अखबार पढ़ रहा था।

तभी कस्बा निवासी नवेद पुत्र बाबू वहां पहुंचा और जर्रार की कनपटी पर तमंचा लगाते हुए 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। आरोप है कि इंकार करने पर हत्या की धमकी देने लगा। बताया कि इसी बीच जर्रार के दो बेटे और भाई समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने नवेद को तमंचे सहित दबोचकर पुलिस को सौंप दिया। बकौल जर्रार नवेद पेशेवर अपराधी है।

उसने 2006 में रंगदारी न देने पर कस्बे के व्यापारी प्रदीप पुत्र फकीरा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सर्राफ दिनेश पर भी नवेद ने तमंचे से जानलेवा हमला किया था। हत्या के आरोप में नवेद कई साल जेल में रहा। जर्रार ने आरोपी से परिवार को जान का खतरा बताते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। इंस्पेक्टर अरविंद मोहन शर्मा का कहना है कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल रंगदारी नहीं, पैसे के लेन-देन का मामला सामने आया है। आरोपी को अवैध तमंचे के आरोप में जेल भेजा जाएगा।

ठगी के आरोप में जेल जा चुका जर्रार

नगरवासियों ने बताया कि लगभग दस साल पहले जर्रार किठौर व आसपास के दर्जनों लोगों से डेढ़ गुनी रकम करने के बहाने करोड़ों रुपये ठग चुका है। ठगी के मामले में वह वर्षों जेल में भी रहा। नागरिकों ने बताया कि वह पूर्व की तरह ठगी का धंधा चलाने के लिए नेटवर्क तैयार कर रहा है। प्रबुद्ध लोग इसके अंदरुनी विरोध में हैं।

पत्नी के हत्यारोपी की जमानत खारिज

न्यायालय जिला जज मेरठ रजत सिंह जैन ने हत्या के आरोप में आरोपी अंकित उर्फ सनी पुत्र सलेखचंद निवासी मटोरा मेरठ का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। डीजीसी क्रिमिनल बृजभूषण गर्ग ने बताया की वादी मुकदमा ललित कुमार पुत्र तेजपाल सिंह निवासी गाजियाबाद ने थाना मवाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन लता की शादी मार्च 2014 में आरोपी के साथ हुई थी।

शादी के बाद वादी की बहन ने दो पुत्रियों को जन्म दिया। जिससे उसके ससुराल वाले खुश नहीं थे। दोनों लड़कियां होने के कारण उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट किया करते थे और कहते थे कि अगर तू लड़का पैदा नहीं कर सकती तो तू हमारे घर से निकल जा हम दूसरी शादी कर लेंगे। अगर तू यहां से नहीं गई तो हम तुझे जान से मार देंगे। जिस पर वादी की बहन ससुराल वालों की बातों को सहती रही।

वादी की बहन ने बताया कि उसके परिवार व ससुराल वाले उसे मारने की फिराक में है। जिसके बाद वादी मुकदमा ने अपनी बहन के ससुराल वालों को समझाया और वहां से चला गया। कुछ दिन बाद दिनांक 16 नवंबर 2021 को वादी मुकदमा को पता चला कि बहन लता की हत्या उसके पति ने कर दी है। जिसके बाद वादी ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। न्यायालय में आरोपी ने कहा की उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

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