Saturday, March 21, 2026
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बिनौली डॉक्टर की लापरवाही से नसबंदी के समय महिला की मौत

  • सीएचसी पर लगाया गया था नसबंदी कैंप, परिजनों का आरोप गलत इंजेक्शन लगाने से हुई महिला की मौत
  • स्वास्थ्य कर्मियों ने मौत होने के बाद भी कर दिया जिला अस्पताल के लिए रेफर, परिजनों में मचा कोहराम

जनवाणी संवाददाता |

बागपत: बिनौली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की बडी की लापरवाही से एक महिला की नसबंदी आॅपरेशन के दौरान मौत हो गयी और इतना ही नहीं अपना पीछा छुड़ाने के लिए महिला की मौत के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

जहां चिकित्सकोें ने उसको मृत घोषित किया तो परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने के कारण महिला की मौत हुई है। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीएमओ से कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

बिनौली स्वास्थ्य केन्द्र पर मंगलवार को नसबंदी कराने के लिए कैंप लगाया गया था और वहां पर नसबंदी कराने के लिए धनौरा सिल्वरनगर गांव की रहने वाले 28 वर्षीय ज्योति पहुंची। चिकित्सकों ने महिला के सभी टेस्ट करने के बाद उसकी नसबंदी करने के लिए आॅपरेशन करने लगे, जिससे उसकी डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण मौत हो गयी। महिला की मौत होने के बाद भी डॉक्टर ने परिजनों तक को नहीं बताया और अपना पीछा छुड़ाने के लिए उसको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों को बताया कि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और हटैक आ गया। उसको एंबुलेंस द्वारा बागपत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल था।

मृतका के पति अनुज राणा का आरोप है कि डॉक्टर ने उसकी पत्नी ज्योति को गलत इंजेक्शन लगाया है, जिससे इंफेक्शन होने के कारण उसकी वहीं मौत हो गयी थी, लेकिन यहां हंगामा न हो इसको देखते हुए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पीड़ित ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीएमओ से शिकायत की है और चेतावनी दी कि यदि डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन करेंगे।

…बच्चों के सर से छीना मां का छाया

डॉक्टर की लापरवाही से तीन छोटे-छोटे बच्चों के सर से मां का सहारा छीन गया है। मृतक महिला के दो बेटे व एक बेटी है, जिसमें बडा बेटा पांच वर्ष, बेटी साढ़ तीन वर्ष व छोटा बेटा डेढ साल का है। परिजनों रो-रोकर कह रहे थे कि अब इनका सहारा कौन बनेगा और कैसे इनकी देखभाल होगी। डॉक्टर की लापरवाही ने परिवार को उजाड दिया है।

बिनौली अस्पताल में नसबंदी के दौरान महिला को हार्ट अटैक आ गया था। जिसके बाद महिला को इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन उसकी मौत यहां नहीं हुई है। हालत गंभीर देखते हुए महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था और इसमें डॉक्टर की कोई लापरवाही नहीं है। पोस्टमार्टम होने के बाद पता चलेगा कि हार्ट अटैक आया या अन्य कारणों से मौत हुई है।
-डा. अतुल बंसल सीएचसी अधीक्षक बिनौली

महिला की नसबंदी के दौरान बिनौली अस्पताल या एंबुलेंस में मौत हुई होगी। जब महिला को यहां लाया गया था तो उसकी मौत हो चुकी थी। यहां किसी भी डॉक्टर की लापरवाही नहीं है। पोस्टमार्टम होने के बाद ही कारणों का पता चल सकेगा।
                                                                      -डा. ब्रजलाल सिंह कुशवाहा, सीएमएस जिला अस्पताल

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