- नई विकसित होने वाली कालोनियों में गांव के सर्किल रेट लागू होने की कही गई बात
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करीब छह वर्ष बाद सर्किल रेट में वृद्धि के प्रस्ताव पर आपत्ति की दौरान जहां 20 से 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का ज्यादातर लोगों ने विरोध किया है, वहीं कई ऐसे भी प्रार्थना पत्र आए हैं, जिनमें अपने क्षेत्र के सर्किल रेट बढ़ाए जाने की मांग डीएम से की गई है।
बताते चलें कि प्रस्तावित दरों को लेकर प्रशासन की ओर से निर्धारित अंतिम तिथि आठ अगस्त तक 24 आपत्तियां मिली हैं। जिनमें अधिकांश ने सर्किल रेट 20 से 40 फीसदी तक बढ़ाने के प्रस्ताव को आम लोगों के लिए हितकारी नहीं माना है। और सर्किल रेट में 10 से लेकर 20 प्रतिशत की वृद्धि करने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया है।
इसके विपरीत कुछ आपत्तिकर्ता ऐसे भी रहे, जिन्होंने अपने क्षेत्र में सर्किल रेट में इजाफा करने की मांग उठाई है। उल्देपुर निवासी संदीप अग्रवाल की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उल्देपुर क्षेत्र पल्लवपुरम फेज-2 के निकट है। यह एक विकसित क्षेत्र बन चुका है। जहां आवासीय कालोनियां बन रही हैं।
ऐसे में गांव की कृषि भूमि के सर्किल सेट 650 से 3000 रुपये वर्गमीटर किए जाएं। आवासीय क्षेत्र के वर्तमान सर्किल रेट 8500 हैं। जबकि बाजार भाव 18 हजार रुपये वर्गमीटर तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में सर्किल रेट भी बाजार भाव के अनुरूप में 18 हजार रुपये किए जाएं।

कुछ लोगों ने संयुक्त रूप से दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि सोफीपुर-लावड़ मार्ग पर आबादी बंबे तक पहुंच गई है। इस क्षेत्र में आवासीय कालोनी विकसित हो रही है। यहां का सर्किल सेट बढ़ाकर कम से कम 3000 रुपये किया जाए। प्रस्ताव दिया गया कि सोफीपुर-लावड़ सड़क को सेगमेंट में लाकर सर्किल रेट 10 हजार रुपये वर्गमीटर किए जा सकते हैं।
एक अन्य प्रार्थना पत्र में बताया गया कि दौराला के सिवाया जमाउल्लापुर में एमडीए से एप्रूव सात कालोनी विकसित हो रही है। यहां कृषि भूमि का सर्किल रेट 1400 रुपये है। जबकि बैनामे 4500 से 5000 तक हो रहे हैं। इन्हें बाजार भाव के अनुसार करने की मांग उठाई गई। बघौली के ग्रामीणों ने गंगा एक्सप्रेस वे के लिए 2016 के सर्किल रेट से किसानों को मुआवजा देने का मुद्दा उठाया।
उनका कहना है कि सर्किल रेट और मुआवजा राशि में हर दो साल बढ़ोतरी की जाती है। यहां कृषि भूमि की बाजार दर एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। इसी के अनुसार 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से सर्किल रेट निर्धारित किए जाएं। गौरतलब है कि मेरठ जिले में पिछली बार संशोधित सर्किल रेट 2016 में लागू किए गए थे। तब से लेकर आज तक इनमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
इस वर्ष सर्किल रेट में संशोधन के लिए दिए गए प्रस्ताव में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की भूमि के बाजार भाव को आधार बनाते हुए 20 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि करने को कहा गया है। जबकि आपत्तिकर्ताओं ने सर्किल रेट में क्षेत्रवार अधिकतम 10 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग की है। अधिकारियों के स्तर से इन आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही नए सर्किल रेट लागू होने बात कही गई है।

