- किया जाएगा नई टेक्नोलाजी फुल डेप्थ रिक्लेमेशन का प्रयोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गन्ना विकास विभाग की ओर से बनाई जाने वाली सड़कों के निर्माण के लिए नई टेक्नोलाजी फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) का प्रयोग किया जाएगा। बुधवार को लखनऊ में इस तकनीक को लेकर पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण, रिटगन इंडिया प्रा. लिमिटेड ग्रुप के प्रतिनिधियों ने अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग संजय आर. भूसरेड्डी के समक्ष के समक्ष गन्ना आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया। बताया गया कि इस नवीन तकनीक एफडीआर के प्रयोग से ग्रामीण सम्पर्क मार्गों में पूर्व में प्रयुक्त सामग्री को ही रिसाइकिल कर नई सड़क का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक के प्रयोग से सड़कों के पुनर्निर्माण में प्रयुक्त होने वाले पत्थर, मौरंग व अन्य खदानों से आने वाली सामग्री की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे प्राकृतिक खनिजों की बचत होगी। जिसके कारण उस पर होने वाले व्यय में भी कमी आयेगी। इस तकनीक में पहले विशेष प्रकार की हाईटेक मशीनें पुरानी सड़कों को खोदेंगी। फिर नए तरीके से खुदाई में प्राप्त सामग्री का प्रयोग कर नई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करेंगी।
इस तकनीक के प्रयोग से चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने वाले ग्रामीण इलाकों के कृषकों को सहूलियत मिलेगी। यह सड़कें परम्परागत सड़कों की अपेक्षा जल प्रतिरोधी भी है। इन सड़कों के निर्माण के दौरान कार्बन उर्त्सजन में कमी होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
ये है फुल डेप्थ रिक्लेमेशन तकनीक
फुल डेप्थ रिक्लेमेशन तकनीकी में पुरानी सड़क के पूरे क्रस्ट का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। गिट्टी की जरुरत नहीं पड़ती। इसमें सड़क का निर्माण तेजी से होता है और मरम्मत पर भी कम खर्च आता है। विशेष मशीनों से सीमेंट और क्रस्ट आदि को मिलाकर सड़क बनती है।

