- पोलियो का नया वायरस मिलने के बाद डब्ल्यूएचओ को बदलनी होगी अपनी रणनीति
- मेरठ सहित पूरे देश में रविवार से चलेगा पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पोलियो फ्री इंडिया का तमगा हासिल कर चुके भारत पर एक बार फिर से पोलियो का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिका के न्यूयार्क में लॉन्ग आईलैंड की नसाऊ काउंटी की एक नाली के गन्दे पानी में मिले नए पोलियो वायरस ने कई देशों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। अमेरिका से बड़ी संख्या में नागरिक (विशेषकर पर्यटक) भारत आते हैं। इन पर्यटकों की ट्रेवल हिस्ट्री भारत सरकार के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
बताते चलें कि कई बार ऐसा होता है कि पोलियो का वायरस किसी भी व्यक्ति के साथ ट्रेवल कर मूव कर जाता है। यही वजह दूसरे देशों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। उधर पाकिस्तान अब भी पोलियो वायरस से जंग लड़ रहा है। इस समय पूरे विश्व में पोलियो के कुल 23 केस हैं और इनमें से अकेले 17 पकिस्तान में हैं। भारत पाकिस्तान के बीच भी लोगों की आमादरफ्त बनी रहती है
जिसके चलते भी इस बात का डर रहता है कि कहीं पोलियो वायरस यहां आने वाले पाक नागरिक के साथ ट्रेवल कर यहां तक न पहुंच जाए। न्यूयार्क में मिले पोलियो के नए वायरस के संबध में जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक स्थानीय अधिकारी से तकनीकी जानकारी मांगी गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह अभी नया वायरस है और इसके बारे में स्टडी चल रही होगी।

उन्होंने अपनी बाध्यता बताते हुए कहा कि वो इस संबध में कोई भी अधिकृत बयान देने के लिए आॅथोराइज्ड नहीं हैं। बताते चलें कि मेरठ सहित पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश हमेशा से ही पोलियो के लिए हॉट स्पॉट रहा है। पोलियो के लिहाज से मेरठ के तो सात अतिसंवेदनशील स्थानों का नक्शा डब्ल्यूएचओ के हेड क्वाटर (जिनेवा) तक में टंगा हुआ है।
पोलियो उन्मूलन के लिए ही अभियान: डीआईओ
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम का कहना है कि यदि बच्चो की इम्यूनिटी पावर स्ट्रांग है तो वो पोलियो वायरस से अच्छी प्रकार लड़ सकता है। पोलियो उन्मूलन के लिए ही पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान चलाए जाते हैं। वो कहते हैं कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान हमेशा से हमारे लिए खतरा बने रहते हैं क्योंकि पाकिस्तान से नागरिकों की आमादरफ्त बनी रहती है और ऐसे में इस बात का डर रहता है कि कहीं पाकिस्तान से वायरस यहां न पहुंच जाएं।
वायरस की प्रकृति जानने को पहले से ही काम चल रहा होगा: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि न्यूयार्क में जो वायरस मिला है उसकी प्रकृति अथवा हिस्ट्री पर पहले से ही स्टडी हो रही होगी। डब्ल्यूएचओ के इस वरिष्ठ चिकित्सक का यह भी कहना है कि अभी उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है लेकिन सरकार से जो भी डायरेक्शन मिलेगा उसी आधार पर आगे काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाकी इस पूरे मामले में वो बयान देने के लिए अधिकृत नहीं है लिहाजा इस पर विस्तार से कुछ नहीं बता सकते।

