- तापमान में गिरावट, वेस्ट यूपी में बारिश का बदला मौसम
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: वेस्ट यूपी में गुरुवार को बदरा झूम-झूमकर बरसे सुबह से लेकर शाम तक हुई रिमझिम बारिश से मौसम बदल गया। जहां गर्मी से राहत मिली। वही दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों की माने अभी 24 से 48 घंटे तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। सितंबर में गर्म चल रहा मौसम गुरुवार को काफी राहत दे गया।
जाते हुए मानसून की विदाई से पहले ही बारिश शुरू हुई और मौसम बदल गया बदलते मौसम के साथ दिनभर रिमझिम बारिश से मौसम खुशनुमा रहा देहात से लेकर शहर तक कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश दिखाई दी। मौसम का असर सुबह से ही बदला हुआ था। आसमान पर काले बादलों के बीच मौसम बदलता गया और बारिश ने तापमान को गिरा दिया।

मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 96 एवं न्यूनतम आर्द्रता 86 दर्ज की गई। जबकि बारिश 4.2 मिमी रिकॉर्ड की गई। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि मानसून के विदा होने से पहले वेस्ट यूपी समेत आसपास के राज्यों में भी मौसम बदला है। कम दबाव वाले क्षेत्र के सक्रिय होने से बारिश ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी है। जिस कारण से अभी दो-तीन दिन तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा गर्मी से राहत रहेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
जगह-जगह जलभराव बनी समस्या
रात से ही शुरू हुई बारिश धीमे-धीमे दिन भर होती रही बारिश के चलते शहर में और मोदीपुरम, कंकरखेड़ा क्षेत्र आदि में जगह-जगह जलभराव की समस्या हो गई है सबसे ज्यादा परेशानी रुड़की रोड और पल्लवपुरम फेज-दो के एन सी पॉकेट में देखने को मिले वही पल्लवपुरम थाना के आसपास भी जलभराव के कारण लोग परेशान हो गए नालों की सफाई ना होने कारण गंदा पानी सड़कों पर आ गया जिस कारण से पल्लवपुरम पुलिस को थाने तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
बारिश से फसलों को मिलेगी राहत
वेस्ट यूपी में एक बार मानसून फिर से मेहरबान हो गया है। मानसून की मेहरबानी के चलते बारिश से फसलों को काफी राहत मिलेगी। इस समय धान की गन्ने की और हरी सब्जियों के लिए यह बारिश काफी लाभकारी होगी। इस बारिश से जहां फसलों का उत्पादन बढ़ेगा वहीं आने वाले रवि की फसल के लिए भी यह बारिश और भी लाभकारी होगी। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि बारिश भले ही देर से हुई हो, लेकिन यह बारिश सितंबर माह में काफी लाभकारी रहेगी।
जगह-जगह सड़कें हुई जलमग्न, लोगों पर पड़ी आफत
कंकरखेड़ा: बुधवार दोपहर बाद से हो रही बारिश से कंकरखेड़ा क्षेत्र की कई सड़कें पानी से जलमग्न हो गई है। जिस कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। कई दुपहिया वाहन सवार गड्ढों में गिरकर चोटिल हो गए सड़क पर पानी जमा देख कर क्षेत्रवासियों में जनप्रतिनिधियों व संबंधित विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
कंकरखेड़ा की गुरु नानक बाजार बड़ा, बाजार, छोटा बाजार व कासमपुर ने बारिश ने जनजीवन को नारकीय बना दिया। सड़कों पर जलभराव होने व जल निकासी के लिए नालों की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, सड़कों में बने गड्ढे लोगों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में जनप्रतिनिधि व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिखाई दी।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूर्व में कई बार संबंधित विभाग व जनप्रतिनिधि से समस्या का समाधान कराने की बात कही थी। बावजूद इसके जनप्रतिनिधि समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसका हर्जाना आम जनता को भुगतना पड़ता है। सड़क पर बने गड्ढे जलभराव के कारण दिखाई नहीं देते हैं।
जिस कारण बारिश में कार व दुपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं, कासमपुर में तो स्थिति और भी दयनीय है। कासमपुर की सड़कों पर बारिश के दौरान जलभराव के साथ ही सड़कों पर कीचड़ फैल जाता है। जलभराव के कारण गंदगी के ढेर पानी में बहते हैं। जिस कारण बीमारी का खतरा अधिक बढ़ जाता है।

