Saturday, March 7, 2026
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आईपीएल से भी न मिल सका स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज को बूम

  • लॉकडाउन के चलते आए डूबते कारोबार को बचाने को मदद के सरकारी हाथ का इंतजार
  • स्पोर्ट्स कारोबारियों को अब ओपन टूर्नामेंट की शुरूआत होने का है बेसब्री से इंतजार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आईपीएल के सीजन में भी स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज में बूम नहीं ला सका। कारोबारी हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की दूसरी बड़ी स्पोर्ट्स गुड्स मंडी में शुमार सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट से करीब दर्जन भर प्रतिष्ठानों पर ताले झूल गए।

लगातार बिगड़ रहे हालातों से बेबस कारोबारी पलायन कर गए। वहीं, दूसरी ओर तमाम कोशिशों के बाद भी स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज को सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिल सकी। हालात कितने नाजुक हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाय जा सकता है कि टर्नओवर में 40 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। आईपीएल को देखते हुए जो स्टॉक जमा किया था, वो भी बड़ा नुकसान है।

लॉकडाउन ने किया बेदम

कोरोना संक्रमण के चलते लंबे लॉकडाउन ने स्पोर्ट्स कारोबार को पूरी तरह से बेदम कर दिया। बगैर किसी तैयारी के किए गए लॉकडाउन की वजह से कारोबार में आए डाउन से संभलने में लंबा वक्त लगेगा।

बूम का था इंतजार

एसके रोड स्पोर्ट्स व्यापार संघ के अध्यक्ष का कहना है कि इंडस्ट्री को आईपीएल से जिस बूम का इंतजार था वो नहीं मिल सका। आईपीएल से काफी उम्मीद लगायी थीं।

ब्रांड की हालत खराब

स्पोर्ट्स की मंडी के कारोबारी हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां के जो बडेÞ इंटरनेशनल ब्रांड हैं। जिनकी क्रिकेट की दुनिया में बड़ी पहचान है उनको भी माल बेचने के लिए स्कीम देनी पड़ रही है।

40 फीसदी का डाउन

एसके रोड की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का प्रतिदिन का औसतन टर्नओवर करीब एक करोड़ का बताया जाता है। मार्केट के बडेÞ कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन के असर के चलते इसमें 40 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।

रियायत नहीं, आश्वासन

लॉकडाउन के चलते सरकार खासतौर से सांसद व विधायक सत्ताधारी दल के नेताओं से आश्वासन तो बहुत मिले, लेकिन उनके आश्वासन रियायतों में नहीं बदल पाए। बैंक लिमिट, लोन के ब्याज में तथा बिजली के बिलों समेत अन्य देयों में रियायत नहीं दी गयी।

ओपन टूर्नामेंटों का इंतजार

मेरठ के कैलाश प्रकाश समेत देश भर के स्टेडियमों में पूरे साल ओपन टूर्नामेंट चलते हैं, लेकिन लॉकडाउन से इन पर भी ताला लगा है। यदि ओपन टूर्नामेंट भी शुरू करा दिए जातें तो भी स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज को बड़ी राहत मिल जाएगी। उसका इंतजार किया जा रहा है।

कारोबार के हालात नाजुक
Anuj Singhal
एसके रोड व्यापार संघ के अध्यक्ष अनुज सिंहल का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से हालात नाजुक हैं। आईपीएल से जो कारोबारी उम्मीदें लगायी थीं, उन्होंने भी मायूस ही किया है। सरकार को मदद के लिए हाथ बढ़ाने होंगे। ये जरूरी है तभी स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज को बचाया जा सकेगा।

आईपीएल से नाउम्मीद

Ravindra
सिंड इंडिया इंटरनेशनल के रविन्द्र सिंह का कहना है कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज वर्तमान में अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन से इंडस्ट्रीज को बड़ा झटका लगा है। इस वक्त सरकार की ओर से इंडस्ट्रीज के लिए बड़ी और ठोस रियायतों की घोषणा जरूरी है। जन प्रतिनिधियों को सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।

मंदी से बेहाल कारोबारी
Sahil
हिंद स्पोर्ट के साहिल महाजन का कहना है कि आईपीएल ने निराश किया, लेकिन इसके अलावा जो काम होना चाहिए वो नहीं है। इन दिनों पूरा दिन खाली बैठना पड़ रहा है। थोड़ी बहुत उम्मीद अब आगामी त्योहारी व सर्दी के सीजन से है, लेकिन बाजार की हालत अच्छी नहीं।

बाजार के सुधरने का इंतजार

Harvinder
इंडियन स्पोर्ट्स वीयर के हरविन्दर सिंह का कहना है कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण मंदी से बीमार चल रहे बाजार की सेहत सुधरने का इंतजार किया जा रहा है। बगैर देरी के आउट डोर खेलकूद एक्टिविज शुरू करायी जानी चाहिए। तभी कुछ हो सकता है। इसके अलावा सरकार को भी मदद के लिए आगे आना होगा तभी बात बनेगी।

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