- बागपत नगर पालिका में नियम विरूद्ध मकान दर्ज करने की चल रही है शिकायत
- तहसील की टीम ने घर-घर पहुंचकर खंगाले कागजात, 200 मकानों को नहीं मिले कागजात
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: कागजों में भले ही मकान दर्ज हो, लेकिन मौके पर प्लाट मिल रहे हैं। बागपत नगर में नियम विरूद्ध पालिका में दर्ज करने की शिकायत पर बैठी जांच में खुलासा हो रहा है। टीमों को मौके पर मकान की बजाय प्लाट मिल रहे हैं। अभी तक की जांच में 200 मकान सामने आ चुके हैं। जो प्लाट है।
बागपत नगर पालिका में नियम विरूद्ध मकान दर्ज कराने की शिकायत के बाद तहसील टीम को जांच सौंपी गई थी। एडीएम प्रतिपाल चौहान ने दो दिनों तक बागपत नगर पालिका में जांच की थी। उन्होंने एक-एक रजिस्टर की जांच की थी। एडीएम ने 740 मकानों की जांच तहसील टीम को दी थी। मकानों को सर्वे रजिस्टर में दर्ज किया गया है, लेकिन उन्हें दर्ज करने के नियमों का पालन नहीं करने के आरोप लगे थे। जांच में यह सामने भी आया था। जिसके बाद कई टीमों को लेकर घर-घर जांच कराई जा रही है।
तहसील टीमों ने मौके पर पहुंचकर एक-एक मकान की जांच की। जांच के दूसरे दिन तक टीमों को करीब 200 मकान ऐसे मिले हैं जो प्लाट है, लेकिन मकान दर्ज किए गए हैं। मकान दर्ज करने में किसकी लापरवाही रही यह बाद में जांच का विषय है, अभी यह देखना है कि कितने मकान ऐसे मिलते हैं जो प्लाट हैं या अन्य है। क्योंकि नगर में एक हजार से अधिक मकान संदेह के घेरे में आए हैं।
सभी की जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि आखिर चूक कहां हुई है? यह जानबूझकर किए गए हैं या फिर सर्वे करने वाले ने गड़बड़ी की है? जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। हालांकि मौके पर तहसील की टीम को मकानों के दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। तहसीलदार प्रसून कश्यप ने बताया कि अभी जांच जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

