Tuesday, March 3, 2026
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कारोबारियों को करवाचौथ से बड़ी उम्मीद

  • कोरोना के बाद त्योहारोें को लेकर अब बाजारों में दिखने लगी है रौनक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पति की दीर्घायु के लिए मनाया जाने वाला करवा चौथ व्रत आगामी चार नवंबर को मनाया जाएगा। जिसको लेकर महिलाओं ने खरीदारी शुरू कर दी है। वहीं करवा चौथ के त्योहार को बाजार में हर हाल में भुनाने की तैयारी में है। क्योंकि कोविड के चलते पिछले छह माह से बाजार की रौनक फीकी पड़ी हुई थी।

अब खरीदारी के लिए महिलाओं ने घर से बाहर निकलना शुरु कर दिया है। करवाचौथ में नौ दिन का समय शेष बचा है। पर्व को लेकर घरों में तैयारियां चल रही है। पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाएं इस दिन पूरे समय भूखी-प्यासी रहती है और शाम को चंद्रमा के समक्ष अपने पति को देखने के बाद व्रत खोलती है।

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इस समय जहां साड़ी और डिजाइनर कपड़ों की दुकान पर खूब भीड़ देखने को मिल रही हैं, वहीं पार्लर आदि में भी महिलाओं ने बुकिंग कराना शुरु कर दिया है। इसके अलावा करवाचौथ की छलनी भी खूबसूरत अंदाज में बाजार में आ चुकी है। साड़ियों की बात करे तो महिलाओं को सबसे ज्यादा लाल, गुलाबी, आरेंज आदि रंग अधिक पसंद आ रहा है।

जीआईसी स्थित कल्याण जी हैरीटेज के संचालक महिंद्र जैन ने बताया कि लंबे समय से कोरोना की वजह से व्यापार ठप पड़ा हुआ था, लेकिन त्योहारों के चलते बाजारों में रौनक आने लगी है। करवाचौथ को लेकर डिजाइनर व सिल्क की साड़ियों को उतारा गया है। जिनकी कीमत तीन हजार से शुरू होकर 30 हजार तक है। लहंगों की बात करे तो लहंगों में भी कई तरह की वैरायटी मौजूद है। जिनकी कीमत 10 हजार से शुरु होकर तीन लाख तक है।

कलाइयों पर दिखेगा पिया का नाम

बाजार में चूड़ियों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है। जिन पर सुहागिनें अपने पति का नाम लिखवा रही है। स्पेशल आर्डर पर सदर में ये चूड़िया तैयार की जा रही है।

छलनी और करवे पर भी फोटो और नाम

यही नहीं चूड़ियों की तरह करवे और छलनी पर भी पति का नाम लिखवाया जा रहा है। इसकी महिलाओं के बीच काफी डिमांड है। दुकानों पर स्पेशल आर्डर के साथ यह समान तैयार किए जा रहे हैं।

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करवाचौथ से पहले कॉस्मेटिक की खरीदारी हुई शुरू

सनातन धर्म के सबसे पवित्र पर्व करवाचौथ का दिन जैसे-जैसे पास आता जा रहा है, वैसे ही बाजारों में महिलाएं खरीदारी में जुटने लगी हैं। इस पर्व पर महिलाएं 16 शृंगार करते हुए पूजा-अर्चना करती हैं। इसी कारण बाजारों में खरीदारी भी शुरु हो गई है। जिसमें कॉस्मेटिक्स की दुकानों पर शृंगार से संबंधित चूड़ी, लिपस्टिक और आर्टिफिशियल ज्वैलरी खरीद रही हैं।

सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर लगी महिलाओं की भारी भीड़ को देख कर कोरोना काल से मायूस बैठे दुकानदार भी खुश होने लगे हैं। दुकानदारों का कहना है कि नवरात्र के बाद से त्योहार शुरू हो जाते हैं और त्योहार को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो जाती है।

हालांकि इस बार कोरोना कहर के कारण से आमदनी में कोई खास प्रभाव नही हो रहा, लेकिन अब करवाचौथ के आने पर महिलाओ की खरीदारी देख कर बाजारों में स्थिति में थोड़ा बदलाव हो रहा है। बता दे कि करवाचौथ का पर्व सुहागन अपने सुहाग की रक्षा और लंबी दीघार्यु की कामना को लेकर प्रतिवर्ष मनाती है।

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