Thursday, March 5, 2026
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गायनिक विभाग को मिली नए आपरेशन थियेटर की सौगात

  • मेडिकल गायनिक विभाग में हर माह होती है लगभग 350 डिलीवरी
  • आपरेशन से डिलीवरी वाली गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी तीसरी मंजिल पर होती है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी उन महिलाओं को होती है, जिन्हें आॅप्रेशन की जरूरत पड़ती है। तीसरी मंजिल पर आॅप्रेशन की सुविधा होने की वजह से इन महिलाओं को लिफ्ट के काम नहीं करने के कारण रैंप से लेकर जाया जाता है।

इस दौरान महिलाओं व उनके पेट में पल रहे बच्चे की जान को खतरा बना रहता है। लेकिन अब गायनिक विभाग के लिए नया आॅपे्रशन थियेटर ग्राऊंड फ्लोर पर ही तैयार हो गया है। यह शीघ्र ही उन गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू हो जाएगा जिन्हें आॅप्रेशन की जरूरत होगी।

हर माह 350 से अधिक प्रसव होते है गायनिक विभाग में

मेडिकल में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज विभिन्न ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते है। इनमें वह महिलाएं भी शामिल होती है जो गर्भवती होती है। इनका औसतन आंकड़ा करीब 10 से 15 महिलाएं प्रतिदिन होता है। महिलाओं को उनके प्रसव काल के हिसाब से ही मेडिकल में रखा जाता है। प्रसव क्रिया के लिए तीसरी मंजिल पर व्यवस्था है जबकि गायनिक वार्ड ग्राऊंड फ्लोर पर है।

हर माह करीब 350 महिलाओं की डिलीवरी मेडिकल के गायनिक विभाग में होती है। इनमें से करीब 200 महिलाओं को आॅप्रेशन की जरूरत पड़ती है, लेकिन इन्हें इसके लिए तीसरी मंजिल पर जाना पड़ता है। लिफ्ट नहीं चलने की वजह से इन महिलाओं को स्ट्रेचर पर लिटाकर रैंप के जरिए तीसरी मंजिल पर बनी ओटी में ले जाना पड़ता है।

लेकिन अब ऐसी महिलाओं के लिए ग्राऊंड फ्लोर पर ही नया आॅप्रेशन थियेटर तैयार हो गया है। जिसमें केवल उन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होगी जिन्हें आॅपरेट किया जाना जरूरी है। नए आॅप्रेशन थियेटर में दो ओटी टेबल तैयार किए गए है जिनपर सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

नार्मल डिलीवरी के लिए है तीन टेबलों की व्यवस्था

गायनिक विभाग में भर्ती महिलाओं के प्रसव के लिए तीसरी मंजिल पर वार्ड है जिसमें 3 ओटी टेबल है। लेकिन यहां पर प्रतिदिन प्रसव के लिए आनें वाली महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती है। इनमें भी सिजीरियन केसों की संख्या अच्छी-खासी होती है। जिस वजह से महिलाओं को अपनी बारी आने के लिए कुछ समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार हालात बिगड़नें पर अफरताफरी का माहौल बन जाता है।

वहीं अब नये ओटी के तैयार होने से ऐसी महिलाओं को ग्राऊंड फ्लोर पर ही आॅप्रेशन की सुविधा मिलने जा रही है। गायनिक विभाग की एचओडी डा. रचना ने बताया नए ओटी में केवल सिजीरियन केसों वाली महिलाओं को ही प्रसव कराया जाएगा। जबकि नार्मल केसों वाली महिलाओं को पुरानी बिलल्डिंग में ही प्रसव कराया जाएगा। पुरानी बिल्डिंग की ओटी में गर्भधारण नहीं करने वाली महिलाओं का आॅप्रेशन होगा।

ग्राऊंड फ्लोर पर गायनिक विभाग की नई ओटी बनकर तैयार है। जिसकी शुरूआत शीघ्र ही होने वाली है, स्टॉफ भी पूरा है। इसके शुरू होने के बाद उन महिलाओं को सुविधा मिलेगी जिन्हें प्रसव के लिए आॅप्रेशन की जरूरत पड़ती है। -डा. ज्ञानेश्वर टोंक, कार्रकारी प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज।

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