Wednesday, April 29, 2026
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जॉली स्टोर सरीखे अवैध निर्माणों पर चुप्पी

  • पूर्व में रही अवैध निर्माणों के मामलों में कैंट बोर्ड की ओर से एफआईआर की परंपरा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लालकुर्ती बकरी मोहल्ला में दो जून की रोटी कमाने आए रजबन झुग्गी निवासी बिहारी मजदूर की मौत के बाद भी सदर के जॉली स्टोर सरीखे अवैध निर्माण पर कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। जॉली स्टोर के अलावा सदर दाल मंड़ी और सराफा बाजार में भी अवैध निर्माण में कैंट प्रशासन की ओर से कार्रवाई की पहल का इंतजार है।

कैंट बोर्ड ही नहीं पुलिस पर भी सवाल

वहीं, दूसरी ओर बिहारी मजूदर की मौत के मामले में जिस प्रकार से लीपापोती कर दी गयी। उससे कैंट बोर्ड के अलावा पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खडेÞ हो गए हैं। लालकुर्ती बकरी मोहल्ला निवासी भाजपा नेता के दीपक गुप्ता के मकान में किए जा रहे अवैध निर्माण में बिहारी मजदूर की जिंदगी छीन ली।

ये मामला सीधे सीधे गैर इरादत हत्या का बनता है, लेकिन जिस प्रकार से भाजपा के कुछ नेताओं के दबाव के चलते इसमें खेल कर दिया गया उससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सुनने में आया है कि पुलिस ने ही सारे मामले को मैनेज करने का काम किया है।

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मरने वाले के परिवार व रिश्तेदारों को बजाए इंसाफ और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाने के पुलिस ने कोर्ट कचहरी व पुलिस कार्रवाई का खौफ दिखाया। जो कुछ मुआवजा मिल रहा है। उसको चुपचाप रख लो यह बात समझायी गयी। बिहार से कहां मेरठ में इतनी दूर मुकदमों की तारीख परआओगी। वैसे भी गैर इरादतन हत्या की धारा में आसानी से जमानत मिल जाएगी और फिर जो मिल रहा है यह रकम भी नहीं मिलेगी। ये तमाम बातें समझाकर मामले में लीपापोती कर दी गयी।

कार्रवाई की रही है परंपरा

पूर्व में इस प्रकार के मामलों में कैंट बोर्ड की ओर से एफआईआर कराए जाने की परंपरा रही है। पूछा जा रहा है कि क्या लालकुर्ती बकरी मोहल्ला में भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर करायी जाएगी या फिर भाजपाई प्रेशर के चलते इसको रफादफा किया जाएगा। इसके अलावा अवैध निर्माण पर सील, 239 कारण बताओ नोटिस। 247 व 248 तथा 320 की कार्रवाई कब की जाएगी।

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मजदूर की मौत पर चिढ़ रहे अवैध निर्माण

बिहारी मजदूर की मौत के बाद तमाम अवैध निर्माण चिढ़ाते प्रतीत होते हैं। सदर में जॉली स्टोर पर किए गए अवैध निर्माण पर कब जेसीबी चलेगी। ये पूछा जा रहा है। जॉली स्टोर के अवैध निर्माण में सबसे ज्यादा खामियां होते हुए भी वहां कार्रवाई नहीं किया जाना बाकई हैरानी भरा है। इसको लेकर तमाम आरोप लगाए जा रहे हैं।

बोर्ड प्रशासन की भूमिका पर सवाल खडे हो रहे हैं आखिर किस के इशारे पर जॉली स्टोर के अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां जो अवैध निर्माण किया गया है उसको पुराना दर्शाने के लिए वहां रंगाई-पुताई तक करा दी गयी है। कमोवेश यही स्थित सदर सराफा व दाल मंडी के अवैध निर्माण की है।

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बिहारी मजदूर की मौत चीख चीख कर सवाल पूछ रही है ऐसा कब तक चलेगा। ये चुप्पी किस के इशारे पर। उम्मीद की जा रही है कि बिहारी मजदूर की मौत पर जॉली स्टोर सरीखे तमाम अवैध निर्माणों की खबर ली जाएगी।

खड़ौली शिव चौक के पास बना दी गई अवैध दुकानें

खड़ौली शिव चौक के समीप व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण चल रहा है। करीब दो दर्जन से ज्यादा दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। एक भी दुकान निर्माण करने के लिए एमडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया है। यही नहीं, दुकानों के निर्माण करते हुए लिंटर पर पहुंच गया है, मगर एमडीए के इंजीनियरों ने इसका चालान तक नहीं काटा है।

इस पर सील की कार्रवाई भी नहीं की है। निर्माण बैखोफ चल रहा है। शहर में व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण चल रहे हैं, मगर प्राधिकरण उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से उपाध्यक्ष एमडीए के इंजीनियरों को सुधारने के लिए हर रोज क्लास लगा रहे हैं, मगर इंजीनियर कुछ सुनने को तैयार नहीं है।

खड़ौली बिजली के समीप चल रहे दुकानों के निर्माण से एमडीए को बड़ी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति हो सकती है, मगर एमडीए के इंजीनियरों ने अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इसकी शिकायत संबंधित जेई को भी की थी, मगर इसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई। निर्माण बढ़ते हुए चला गया। निर्माणकर्ता ने पूरा कॉम्प्लेक्स यहां पर बनाया है। दुकानों का हर रोज निर्माण चल रहा है, जिसे कोई रोकने टोकने वाला नहीं है।

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