- हसनपुर लुहारी के मदरसा नूरिया इमदादिया में छात्रों की दस्तारबंदी
जनवाणी संवाददाता |
हसनपुर लुहारी: शुक्रवार को मदरसा नूरिया इमदादिया अशरफियां में आयोजित सालाना जलसे की शुरूआत मौलाना मोहम्मद अयाज ने तिलावते कुरआन से की। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मौहम्मद जुनैद साहब और संचालन मौलाना राशिद मिफ्ताही ने किया।
इस मौके पर मौलाना जुनैद साहब ने दुनिया और दीनी मसाईल पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने इंसान को दीन और दुनिया जीने का तरीका बताता है। मजहब ए इस्लाम आधुनिक शिक्षा हासिल करने पर बल देता है। शिक्षा कोई भी हो वह समाज कल्याण और मानवहित में होनी चाहिये।

ऐसी शिक्षा में कोई बुराई नहीं है। धार्मिक शिक्षा द्वारा उच्च संस्कारों की उत्पत्ति होता है। जो समाज को और देश के लिए हितकर है। मौलाना साजिद ने दीन के साथ आधुनिक शिक्षा की पैरवी करते हुए कहा कि जबसे मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढावा मिला है। मदरसे के बच्चे हर क्षेत्र में अपनी काबलियत दिखा रहे है। कार्यक्रम में जीशान अहमद, आसिफ, मुस्तफा, मुदस्सिर, अब्दुल समद, अबरार, रिहान आदि छात्रों को हाफिज ए कुरआन बनने पर पगडी बांधकर और हाफिज की उपाधि देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मौलाना राशिद मिफ्ताही, मौलाना मुजम्मिल, मौलाना अहसान, मौलाना अब्दुल रज्जाक, मौलाना यामीन आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर हाजी लियाकत, निसार अहमद, एडवोकेट रफीउल्लाह, अब्दुल रहमान सिद्दीकी, एडवोकेट अमीर आजाम, तौसीफ अली खान, आरजू चैधरी, मोहम्मद अय्याज, मौलाना याकूब, मोहम्मद वसीम, मुंशी लियाकत अली, शराफत, हाफिज नसीम, वसीम अहमद, मतलूब अहमद, मास्टर मुन्नवर, डा. बरकतउल्लाह, अलीम अहमद आदि मौजूद रहे।

