- पुल का निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों में खुशी का माहौल, कई दशक से कर रहे थे मांग
- खूब हुए आंदोलन और धरने-प्रदर्शन
जनवाणी ब्यूरो |
मेरठ: पुल के निर्माण की मांग को लेकर तमाम राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों ने आंदोलन किए थे। सरूरपुर के रिटायर्ड शिक्षक शरणवीर सिंह गत वर्ष आमरण अनशन पर भी बैठे थे। तब भी अधिकारियों ने जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया था। अब जब पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया तो लोगों में हर्ष का माहौल है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि बिना रुके नए पुल का निर्माण शुरू जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
पांच सौ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
पुल निर्माण में लगे प्रोजेक्ट इंजीनियर सौरभ सिंह ने बताया कि कंकरखेड़ा से करनाल तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। जिसमें नानू गंगनहर पुल भी शामिल है। जल्द से जल्द पुल से लेकर हाईवे तक का निर्माण कार्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

रिटायर्ड शिक्षक शरणवीर सिंह की मेहनत लाई रंग

नानू गंगनहर पुल निर्माण की आवाज उठाने वालों में यूं तो तमाम लोग शामिल हैं। मगर मुख्य चेहरे की बात की जाए तो उसमें रिटायर्ड शिक्षक मास्टर शरणवीर सिंह सामने आते हैं। शरणवीर सिंह गत वर्ष गांधी जयंती पर पुल के पास आमरण अनशन पर बैठ गए थे। कई दिन चले अनशन के दौरान अधिकारियों ने उनकी खूब मान मनव्वल की थी। मगर शिक्षक नहीं मिले। उनका कहना था कि वह तो मर सकते हैं, लेकिन लोगों की जिंदगी खतरे में नहीं डालने देंगे।
दबाव बनाने पर शरणवीर सिंह गंगनहर में कूद गए थे। जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। आश्वासन के मुताबिक कार्य शुरू नहीं होने पर करीब एक पखवाड़ा पूर्व भी शरणवीर सिंह ने सांकेतिक धरना देते हुए कहा था कि अधिकारी अपने वादे पर काम करें। वरना पहले से भी बड़ा आमरण अनशन होगा। इस पूरे संघर्ष के बाद आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई।

