Saturday, May 2, 2026
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आवेश में आकर कर रहे रिश्तों का खून

  • वेस्ट यूपी में युवा के हाथों से हो रहे कत्ल, रंजिश के नाम पर सिर्फ गुस्सा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: वेस्ट यूपी के युवाओं में सहनशक्ति कम होती दिख रही है। हाल फिलहाल कत्ल की जो वारदातें हो रही हैं उनमें युवाओं के नाम सामने आ रहे हैं। कम उम्र में कत्ल जैसा संगीन आरोप सिर पर मढ़कर अपने कॅरियर को जहां बर्बाद कर रहे हैं वहीं माता पिता के सपनों को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हाल ही में शास्त्रीनगर सेक्टर छह में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर मनोवैज्ञानिक से लेकर समाजशास्त्री तक चिंतित हो रहे हैं।

क्या मम्मी और पापा के बीच रोज होने वाली झड़पों का अंत कत्ल से होना चाहिये। हर कोई कहेगा कभी नहीं लेकिन शास्त्रीनगर सेक्टर छह में रहने वाले आर्यन ने अपने दोस्त आदित्य के साथ मिलकर मम्मी ममता कर्णवाल और पिता प्रमोद कर्णवाल की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड का कारण लोगों को समझ नहीं आ रहा लेकिन आर्यन ने जो गलत कदम उठाया, उससे पूरा परिवार तबाह हो गया।

मेरठ इंस्टीट्यूट आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के बीटेक के छात्र निखिल तोमर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। कॉलेज में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से अन्य छात्र सहम उठे थे। वारदात के समय कॉलेज में भगदड़ मच गई थी और आरोपी आसानी से फरार हो गए थे।

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सहारनपुर में दो नाबालिग छात्र समेत तीन आरोपियों ने बैग की तनी के विवाद में कक्षा 10वीं के छात्र वंश (16) पुत्र जितेंद्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस को पूछताछ में बताया गया कि बैग की तनी तोड़ने के विवाद में तनातनी चल रही थी। मृतक वंश और आरोपी छात्रों ने इंस्टाग्राम पर भी एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी।

कंकरखेड़ा क्षेत्र के शिवलोकपुरी कॉलोनी में हुई सनसनीखेज वारदात से हर कोई सहम उठा। शराब के लिए रुपये न देने पर पति देवेंद्र वर्मा ने अपनी शिक्षिका पत्नी प्रतिमा वर्मा को चाकू से गोदकर मार डाला। आरोपी ने पहले हथौड़े से सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए, फिर सांस चलती देख चाकू से गला काट दिया।

इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दिल-दहला देने वाली इस वारदात को दंपति के 12 साल के बेटे आशु ने अपनी आंखों से देखा। वह पिता से मां को नहीं मारने की मिन्नतें करता रहा, लेकिन आरोपी देवेंद्र को बेटे पर भी रहम नहीं आया। इसी तरह बागपत में एक भाई ने इस रिश्ते को खून से दागदार कर दिया। बहन तरन्नुम का कसूर सिर्फ इतना था कि उसका पड़ोस के गांव बरसिया व दूर के रिश्तेदार जाकिर से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।

दोनों के प्रेम-प्रसंग का ज्यादा लोगों को पता था, जिससे वे तरन्नुम के भाई मोनिश को ताने मारते थे। इन्हीं तानों से तंग आकर मोनिश ने बहन की हत्या की साजिश रची और बुधवार की रात में मोनिश ने पहले तरन्नुम को छत से फेंक दिया। इसके बाद चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।

मेरठ कालेज की मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डा. अनीता मोरल का कहना है कि युवाओं में सहनशक्ति और विवेक से काम न लेने के कारण उनसे अपराध ज्यादा हो रहे हैं। परिवारिक स्थिति और त्वरित आवेश भी इसमें उत्प्रेरक का काम कर रहे हैं। युवाओं का मस्तिष्क सकारात्मक काम में लगाने का प्रयास करें और उनमें नकारात्मक विकसित न होने दें।

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