Tuesday, March 17, 2026
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महंगाई डायन खाए जात है

  • राज्य, केन्द्र सरकार को इसका संज्ञान लेकर इस बाबत कोई सकारात्मक करनी चाहिये कार्रवाई

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिले में शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं पर छाई महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। महंगाई लोगों के सामने डायन बनकर खाने के लिए तैयार खड़ी है। जहां एक ओर जिले के तमाम शिक्षण संस्थानों में संचालित कोर्स पहले की अपेक्षा काफी महंगे कर दिए गए हैं।

वहीं, दूसरी ओर चिकित्सकों द्वारा भी परामर्श शुल्क में पहले के मुकाबले काफी बढ़ोत्तरी की गई है। जिसके चलते आम आदमी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन को शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं पर छाई महंगाई का संज्ञान लेकर इसे नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आम आदमी को महंगाई की मार से निजात मिल सके।

बता दें कि जिले में स्थित शिक्षण संस्थानों में जिले के ही नहीं बल्कि दूरदराज के विद्यार्थी भी विभिन्न प्रकार की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, मुजफ्फरनगर, शामली, बड़ौत, गाजियाबाद,हापुड, गुडगांव, पीलीभीत, आदि के छात्र-छात्राएं कई बडेÞ संस्थानों में अलग-अलग तहर के कोर्स कर रहे हैं। जिनमें डाक्टरी, इंजिनियरिंग, मैनेजमेंट, टीचिंग, एडवोकेट, पत्रकारिता, स्नातक पाठयक्रम एवं विभिन्न प्रकार के डिग्री और डिप्लोमा कोर्स में छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं।

यहां गौर करने वाली बात ये है कि पिछले कुछ सालों में जिले के तमाम शिक्षण संस्थान जोकि ऐसे कोर्स संचालित कर रहे हैं, उन्होंने मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोत्तरी की गई है। सुभारती विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार के कोर्स की फीस पहले के मुकाबले काफी बढ़ा दी गई है। आईआईएमटी में भी पिछले कुछ सालों की अपेक्षा कोर्स काफी महंगे कर दिए गए हैं। एमडीपीएमआई गंगानगर में डाक्टरी संबंधित कोर्स पहले की अपेक्षा काफी महंगे कर दिये गए हैं,

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इसके अलावा तमाम ऐसे शिक्षण संस्थान जो विभिन्न प्रकार के डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कर रहे हैं। उनमें पिछले कुछ वर्षों की अपेक्षा कोर्स की फीस काफी बढ़ा दी गई है। जिसके चलते उक्त संस्थानों में अध्ययन कर रहे छात्र एवं छात्राओं के परिजनों की जेब पर अतिरिक्त भार आन पड़ा है। वहीं, यदि चिकित्सा सेवाओं की बात करें तो उनमें भी फीस काफी बढ़ा दी गई है। जिनमें पैथोलॉजी लैब में जांच की फीस में काफी इजाफा किया गया है।

तमाम तरह की जांच जैसे एमआरआई, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, दिल की जांच, फेफड़ों व दिमाग की जांच आदि की फीस में भी काफी बढ़ोत्तरी की गई है। तोमर अल्ट्रासाउंड, अमन पैथोलॉजी लैब के अलावा तमाम ऐसी स्वास्थ्य संस्थाओं में जांच की फीस बढ़ाई गई है। आनंद हास्पिटल, लोकप्रिय हास्पिटल, सुभारती हास्पिटल के अलावा तमाम प्राइवेट अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की फीस में इजाफा किया गया है।

मेडिकल स्टोर पर भी दवाएं काफी महंगी मिल रही है। जिस डाक्टर को मरीज अपनी बीमारी दिखाते हैं, उसी के बगल के स्टोर पर वो दवाइयां मिलती है, जो डाक्टर ने लिखी हैं, इसमें भी खेल होता है। डाक्टर का मेडिकल स्टोर पर भारी कमीशन होता है। इसका बोझ मरीज की जेब पर ही पड़ता है। शहर के नामचीन डाक्टरों ने भी अपने परामर्श शुक्ल को काफी बढ़ा दिया है। ऐसे में आम आदमी की परेशानियों में दिन-प्रतिदिन इजाफा होता चला जा रहा है। लोगों को इस बाबत काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में बड़ा सवाल ये बनता है कि मनमाने तरीके से अपनी फीस में इजाफा करने वाले शिक्षण संस्थानों, चिकित्सकों और हास्पिटल संचालकों पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? लोगों का कहना है कि चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन महंगाई बढ़ती चली जा रही है। राज्य व केन्द्र सरकार को इसका संज्ञान लेकर इस बाबत कोई सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम आदमी को महंगाई की मार से निजात मिल सके।

शिक्षण संस्थानों के कोर्स व फीस एक नजर में

संस्थान का नाम कोर्स का नाम पहले की फीस अब की फीस (रुपये में)
महावीर कालेज बीए-बीएड 80 हजार 1 लाख 12 हजार
दीवान गु्रप बीटेक 2 लाख 80 हजार 3 लाख 20 हजार
सीएईएचएस कालेज बीपीटी 1 लाख 80 हजार 2 लाख 40 हजार
विद्या नॉलेज पार्क बीसीए 1 लाख 90 हजार 2 लाख 20 हजार
इ.होटल मैनेजमेंट दौराला बीएचएमटीसी 3.5 लाख 4.5 लाख
’ नोट: संस्थान की फीस के आंकड़े छात्र-छात्राओं से मिली जानकारी के अनुसार।

शहर के चिकित्सकों की फीस एक नजर में

चिकित्सक का नाम पहले की फीस अब की फीस (रुपये में)
डा. अरुण रस्तोगी 300 500
डा. आलोक गुप्ता 600 800
डा. अमित जैन 600 800
डा. विनीत बंसल 600 800
डा. मनमोहन शर्मा 600 900
डा. पीपीएस चौहान 600 800
डा. रोहित गर्ग 900 1200
’ नोट: चिकित्सकों की फीस के आंकड़े क्लीनिक से मिली जानकारी के अनुसार।

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