Wednesday, March 4, 2026
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अंडा एक संतुलित पोषक आहार

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डॉ. सांत्वना मिश्रा |

हमारे देश में बहुसंख्यक लोग कुपोषण की समस्या से जूझ रहे हैं विशेष तौर पर शाकाहारी वर्ग। जहां मांसाहारी लोगों को मीट, मछली, अंडा और अन्य विभिन्न प्रकार के एनिमल प्रोटीन के पौष्टिक आहार उपलब्ध हैं वहां शाकाहारियों के हिस्से में मात्र प्रोटीन, दालें और सोयाबीन या मशरूम ही उपलब्ध हैं। शाकाहारी लोगों का एक बड़ा वर्ग है जो यद्यपि मांस नहीं खाता परंतु अंडा खा सकता है। नये जमाने में पुरातन मान्यताएं कुछ कमजोर पड़ी हैं। अब उन घरों में जहां मांसाहार वर्जित है अंडा खाने की छूट मिलने लगी है। ऐसी अवस्था में अंडा एक बड़ी जनसं?या को कुपोषण से मुक्ति दिला पाने में सर्वदा समर्थ है। भारत में प्रति व्यक्ति लगभग 65 अंडे प्रतिवर्ष खाये जाते हैं जबकि संतुलित आहार पाने के लिए प्रतिवर्ष 180 अंडे खाने की संस्तुति राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद के द्वारा की गई है।

अंडों में प्रोटीन, वसा, विटामिन्स (ए,डी,बी6, बी1 और बी12) के साथ ही साथ लोहा, कैल्शियम, फास्फोरस और अन्य खनिज पदार्थ भी प्राप्त होते हैं। जहां पर प्रोटीन्स शरीर के थके हारे टूटी-फूटी कोशिकाओं व कोषाणुओं की मरम्मत करता है, वहीं पर अंडा शरीर को चुस्त दुरूस्त भी रखता है। अंडे में पाई जाने वाली वसा शरीर को सही अनुपात में कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। अंडे में पाये जाने वाले विटामिन्स( विटामिन बी-1, बी 12 व बी6) रक्त की शुद्धता के लिए अनिवार्य हैं तथा विटामिन ए आंखों की रोशनी के लिए लाभदायक माना जाता है।

खनिज पदार्थों की भी शरीर को विभिन्न प्रकार से आवश्यकता होती है। कैल्शियम हड्डियों तथा दांतों को मजबूत आधार प्रदान करता है तथा फास्फोरस और अन्य खनिज पदार्थ मांसपेशियों सहित शरीर के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक हैं। लौह तत्व हीमोग्लोबिन की वृद्धि के लिए आवश्यक हैं तो विटामिन डी दांतों और मजबूत हड्डियों के लिए अनिवार्य हैं।
इस प्रकार हम देखते हैं कि अंडा दूध की भांति एक संपूर्ण आहार है और जिन लोगों को अंडा खाने में कोई आपत्ति नहीं है उनके लिए यह सस्ते पोषण का विकल्प है। अंडों को विभिन्न प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। चाहें इन्हें उबालकर खायें, या इसकी अनगिनत तरह की सब्जियां इत्यादि बनाई जाती हैं, वैसे प्रयोग करें।

संसार के तमाम देशों में अंडा या अंडे से बने हुए भोज्य पदार्थों की भरमार है। अमेरिका में लगभग 260 अंडे प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष खाने का औसत है जबकि मैक्सिको तथा चीन में क्रमश: 350 तथा 349 अंडे प्रतिव्यक्ति प्रतिवर्ष खाये जाते हैं। जापान में 330 अंडों का औसत है तो वहीं थाईलैंड में 132 अंडे प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष खाए जाते हैं। यद्यपि थाईलैंड में अंडे खाने का औसत कम है तो भी वहां मांस मछली इत्यादि बड़ी मात्र में खाते हैं।

हमारे देश को यदि कुपोषण और कुपोषण जनित विभिन्न बीमारियों के चंगुल से बचाना है और यदि हमें एक स्वस्थ व सशक्त समाज की रचना करनी है तो अंडा एक निर्णायक भूमिका प्रदान कर सकता है। जो कोई पूर्णत: मांसाहारी हैं अथवा जो अंडा खा सकते हैं उन्हें मैं विश्व के अन्य देशों के नागरिकों की ही तरह अधिक से अधिक अंडे खाने की सलाह अवश्य देना चाहूंगी।


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