Monday, March 16, 2026
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रैपिड: सुनहरी सफर ‘सुनहरी यादों’ में तब्दील हुआ

  • प्रायोरिटी सेक्शन पररोज हजारों लोग उठा रहे यात्रा का आनन्द
  • युवाओं के लिए ‘टूरिस्ट प्वॉइंट’ बने रैपिड के पांचों स्टेशन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रैपिड (नमो भारत) ट्रेन जहां आधुनिक तकनीक और रफ्तार के बल पर यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है वहीं यह अन्य लोगों खासकर युवाओं के लिए आकर्षक का केन्द बनी हुई है। डेली पेसेन्जर्स के साथ साथ शाम के समय बड़ी संख्या में लोग रैपिड स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं और सफर एंजॉय कर रहे हैं। बड़ी संख्या में कई लोग सिर्फ रैपिड के सफर की जिज्ञासा को शांत करने के उद्देश्य से ही इसमें यात्रा कर रहे हैं।

गत 20 अक्टूबर को नवरात्रों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रैपिड रेल का उद्घाटन किया था। अगले दिन से रैपिड का सफर आम यात्रियों के लिए खोल दिया गया था। पहले ही दिन दस हजार से अधिक लोगों ने रैपिड के सफर का आनन्द उठाया था। प्रायोरिटी सेक्शन पर रैपिड के संचालन को 18 दिन हो चुके हैं। इस दौरान खास बात जो देखने को मिल रही है वो यह कि ट्रेन में डेली व अन्य पेसेन्जर्स के साथ साथ सिर्फ सफर का आनंद उठाने वाले लोग भी बड़ी संख्या में रैपिड का सफर कर रहे हैं।

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प्रायोरिटी सेक्शन के पांचों स्टेशन (साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई एवं दुहाई डिपो) पर रोज हजारों यात्री पहुंच रहे हैं। कई तो रैपिड स्टेशनों पर सिर्फ चहलकदमी के लिए ही आ रहे हैं। एनसीआरटीसी सूत्रों के अनुसार स्कूली बच्चों के अलावा गाजियाबाद व इसके आसपास के शहरों के लोग भी सिर्फ रैपिड के सफर का आनंद उठाने प्रायोरिटी सेक्शन के विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचे रहे हैं।

सफर का लुत्फ लेने से हिमाचल से पहुंचा परिवार

रैपिड ट्रेन का लुत्फ उठाने हिमाचल प्रदेश से एक परिवार मेरठ होते हुए सीधे गाजियाबाद गया और ट्रेन के सफर का आनन्द उठाया। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन के इस परिवार में पति दलजीत व पत्नी सिमरन के अलावा बेटा शैंकी व बेटी गुरमीत कौर ने बताया कि वो हिमाचल प्रदेश से सिर्फ रैपिड के सफर का आनन्द उठाने यहां आए हैं।

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