Friday, March 13, 2026
- Advertisement -

Tulsi Vivah 2023: आज मनाया जा रहा तुलसी विवाह, यहां जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका ​हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सनातन धर्म में कार्तिम महीने का ज्यादा महत्व दिया जाता है। दरअसल, इस माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु चार महीने बाद निंद से जागत है क्योंकि उनके जागने के बाद शादी विवाह, मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। वहीं, आज यानि 23 नंवबर को तुलसी विवाह का त्योहार मनाया जा रहा है। दरअसल, यह एकाद​शी तिथि के दिन पड़ता है। जिसको देवउठनी एकादशी भी कहा जा​ता है। इस दिन तुलसी और शालिग्राम भगवान का विवाह भी होता है। माना जाता है कि, तुलसी माता और शालीग्राम भगवान का विवाह कराने से कन्यादान के सामान फल की प्राप्ति होती है।

28 11

साथ ही तुलसी जी और शालिग्राम की कृपा से विवाह में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं। शादीशुदा जीवन में भी खुशियां बनी रहती हैं। तो चलिए जानते हैं तुलसी विवाह मुहूर्त आदि…

32 12

तुलसी विवाह 2023 तिथि?

29 11

ज्योतिषाचार्य से मिली जानकारी के अनुसार, गुरूवार 23 नवंबर को तुलसी विवाह कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी तिथि को है।

तुलसी विवाह 2023 शुभ मुहूर्त

31 12

बता दें कि शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 22 नवंबर को रात 11.03 बजे से शुरू हो रही है। इसका समापन 23 नवंबर की रात 09.01 बजे होगा। एकादशी तिथि पर रात्रि पूजा का मुहूर्त शाम 05.25 से रात 08.46 तक है।

तुलसी विवाह 2023 पूजन विधि

30 13

  • तुलसी विवाह के लिए सबसे पहले लकड़ी की एक साफ चौकी पर आसन बिछाएं।
  • गमले को गेरू से रंग दें और चौकी के ऊपर तुलसी जी को स्थापित करें।
  • दूसरी चौकी पर भी आसन बिछाएं और उस पर शालिग्राम को स्थापित करें।
  • दोनों चौकियों के ऊपर गन्ने से मंडप सजाएं।
  • अब एक कलश में जल भरकर रखें और उसमें पांच या फिर सात आम के पत्ते लगाकर पूजा स्थल पर स्थापित करें।
  • फिर शालिग्राम व तुलसी के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें और रोली या कुमकुम से तिलक करें।
  • तुलसी पर लाल रंग की चुनरी चढ़ाएं, चूड़ी,बिंदी आदि चीजों से तुलसी का श्रृंगार करें।
  • इसके बाद सावधानी से चौकी समेत शालिग्राम को हाथों में लेकर तुलसी की सात परिक्रमा कराएं।
  • पूजा संपन्न होने के बाद तुलसी व शालिग्राम की आरती करें और उनसे सुख सौभाग्य की कामना करें।
  • साथ ही प्रसाद सभी में वितरित करें।
spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भंडारित अनाज को सुरक्षित करना जरूरी

देश के कुल उत्पादन का लगभग 7 प्रतिशत अनाज...

जमाने के हमकदम होने की राह

चतुर सुजान ने जमाना देखा है। उनके सर के...

सरेंडर की मांग से भड़का संघर्ष

मध्य पूर्व अचानक संघर्ष की भयंकर आग में झुलस...

सोशल मीडिया पर तैरती फूहड़ता

डिजिटल युग ने हमारे समाज की संरचना, सोच और...
spot_imgspot_img