- जिला निर्वाचन अधिकारी ने की समस्त मुद्रणालय तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि साथ बैठक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में समस्त मुद्रणालयों तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा ने दो टूक कहा कि इलेक्ट्रानिक चैनल, यू-ट्यूब चैनल पर एक तरफा खबर चली तो सीधे मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
किसी भी प्रत्याशी का चुनाव प्रभावित करने वाली खबर नहीं होनी चाहिए। इसमें एक समिति गठित कर दी गई हैं, जो आंकलन कर सीधे कार्रवाई करेगी। समाचार पत्र प्रत्याशियों के विज्ञापन अब लगा सकते हैं, लेकिन मतदान वाले दिन विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए दो दिन पहले अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जा सकता हैं।
डीएम दीपक मीणा ने प्रिंटिंग प्रेस पर भी शिकंजा कसते हुए कहा कि मुद्रक अपने प्रिंटिंग सेंटर का नाम लिखेगा, कितने पोस्टर छपे हैं और उनका भुगतान कितना किया हैं, ये डिटेल भी देनी होगी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा पेड न्यूज के रूप में न चलाया जाये। कानूनी रूप से विज्ञापन का प्रकाशन किया जाये। प्रेस की यह डयूटी होगी कि निर्वाचन से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित करते समय अखबार किसी भी ढंग से अस्वस्थ निर्वाचन अभियान में भाग न लें।
निर्वाचन अभियान के दौरान धार्मिक, जातिसूचक वाक्य पूर्णत: प्रतिबंध है। उम्मीदवार द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट आधारित कोई भी मीडिया/वेबसाइटों के लिए कोई भी राजनैतिक विज्ञापन एमसीएमसी कमेटी से पूर्व प्रमाणन कराये बिना रिलीज नहीं करेंगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्वाचन से संबंधित मतदान, मतगणना कार्मिक व्यवस्था, माइक्रोआर्ब्जवर, कार्मिकों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, प्रेक्षक व्यवस्था, वीडियोग्राफी, वेबकास्टिंग, ईवीएम, वीवीपैट, राजनैतिक दलों को जानकारी उपलब्ध कराना, निर्वाचन तैयारी का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना, कमिशनिंग, रेन्डेमाइजेशन, निर्वाचन सामग्री, मतपत्र व्यवस्था संबंधी कार्य, बैलेट पेपर प्रिन्टिंग, सीसीटीवी कैमरा, रूट चार्ट, कम्युनिकेशन प्लॉन, क्रिटीकल बूथ, वेबकास्टिंग, बैरियर, वाहन अधिग्रहण, पोस्टल बैलेट प्लॉन,

मीडिया ब्रीफिंग, एपिक, पोस्टल बैलेट, आदर्श आचार संहिता, स्वीप, एमसीएमसी आदि कार्यों से संबंधित नोडल अधिकारियों को समग्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्त नोडल अधिकारी समय से पूर्व चुनाव की तैयारियों को अपने स्तर पर समीक्षा करते हुए कार्रवाई करें।
ये रहे मीटिंग में मौजूद
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला, अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त सूर्य कांत त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, मुख्य कोषाधिकारी वरूण खरे, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार सहित अन्य संबंधित नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
मतदान जागरूकता से संबंधित रील प्रतियोगिता
जनपद में स्वीप के अंतर्गत लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 को मध्य नजर रखते हुए रील बनाने वालों के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला के निर्देशन में मतदान जागरूकता से संबंधित मेरठ के मैस्कॉट डॉल्फिन का उपयोग करते हुए मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रील बनाने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
कोई भी व्यक्ति समाज का मतदान जागरूकता से संबंधित रील बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से बार कोड स्कैन कर या 7088264764 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेज सकते हैं। सबसे अच्छी रील बनाने वाले को जिला प्रशासन की तरफ से 10 हजार रुपये प्रथम पुरस्कार तथा एक सम्मान पत्र दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 5000 रुपये एवं सम्मान पत्र, तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 2500 रुपये एवं सम्मान पत्र जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से दिया जाएगा। यह जानकारी स्वीप कोआॅर्डिनेटर डॉक्टर मेघराज सिंह ने दी।
आचार संहिता का उल्लंघन पर प्रत्याशी उतरदायी
लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 को पारदर्शी, निष्पक्ष, सकुशल संपन्न कराए जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी दीपक मीणा ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के संबंध में बैठक आहूत की। जिसमें उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी रैली, सभा, बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। किसी भी राजनैतिक दल प्रत्याशी के कार्यकर्ताओं/समर्थकों द्वारा किसी भी प्रकार से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन/अपराध किया जाता है तो इसके लिए प्रत्याशी/राजनैतिक दल भी उत्तरदायी होंगे।
किसी भी दल/प्रत्याशी द्वारा प्रचार के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित की होगी। अपर जिलाधिकारी वित्त सूर्य कांत त्रिपाठी ने कहा कि निर्वाचन अभियान के दौरान कोई भी उम्मीदवार धार्मिक टिप्पणी न करें। जिससे धार्मिक समुदाय के बीच शत्रुता/वैमनस्यता फैले। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत चरित्र, आचरण के संबंध में काई अभद्र टिप्पणी न की जाये। मुख्य कोषाधिकारी वरुण खरे ने कहा कि उम्मीदवार/पार्टी सोशल मीडिया पर विज्ञापन के व्यय सहित प्रचार के सभी व्यय को, व्यय के सही लेखे का अनुरक्षण करने के लिए और व्यय की विवरणी प्रस्तुत करने, दोनों ही के लिए शामिल करेगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन व्यय की सीमा 95 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार निर्धारित की गई है। जो नामांकन की तिथि से परिणाम आने की तिथि तक है। उम्मीदवार द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट आधारित कोई भी मीडिया/वेबसाइटों के लिए कोई भी राजनैतिक विज्ञापन सक्षम अधिकारी से पूर्व प्रमाणन कराये बिना रिलीज नहीं करेंगा। प्रिंट मीडिया में मतदान दिवस, मतदान से पूर्व दिवस पर विज्ञापन के लिए विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणन के लिए उम्मीदवार को एमसीएमसी टीम को प्रकाशन की तिथि से दो दिन पूर्व आवेदन करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन पम्पलेट, पोस्टर आदि के संबंध में जो कि इस प्रकार की प्रिंटिंग के तीन दिनों के अंदर उसके द्वारा मुद्रित किये गये हो प्रिंटर द्वारा इस प्रकार की सूचना अलग से दी जाये। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन बलराम सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी व राजनैतिक दलो के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

