Saturday, March 14, 2026
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चुनाव आयोग से बड़े हो गए निगम अफसर

  • ठेंगे पर चुनाव आयोग, धड़ल्ले से लगे अवैध होर्डिंग्स
  • निगम के अफसरों को पता नहीं और लगे दर्जनों होर्डिंग्स
  • कंकरखड़ा बाइपास से 510 आर्मी बेस के बीच होर्डिंग्स की भरमार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिस दिन कंकरखेड़ा में डिवाइडर काटकर होर्डिग्स लगाने के लिए फाउंडेशन बनाया गया, उस दौरान आचार संहिता लागू थी। ये फाउंडेशन होर्डिग्स माफिया को निगम अफसरों ने कैसे बनाने दिया? जब आचार संहिता लागू थी तो फिर कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता, लेकिन निगम अफसरों ने होर्डिग्स लगाने के लिए खुली छूट दी। आचार संहिता की धज्जिया उड रही है तो उड़ने दे, उन पर फर्क नहीं पड़ता।

पैसे की ताकत के चलते ये कटिंग भी हो गई और अब होर्डिग्स भी लग गए। चुनाव आयोग और उसके आदेश ठेंगे पर, यहां तो धड़ल्ले से अवैध होर्डिंग्स से मेन हाइवे पर कटिंग की, फिर होर्डिंग भी लगा दिये। चुनाव आचार संहिता लगी हो, ऐसे कार्य हो जाए ताज्जुब की बात है। जिस नगर निगम पर चुनाव के दौरान इस अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी है, वो भी पैसे की ताकत के चलते चुप्पी साधे हुए हैं।

शहर में चारों ओर अवैध होर्डिंग की भरमार है। हर रोड पर अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग हटाने के लिए जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं। अधिकारियों ने अवैध होर्डिंग हटाने के लिए आज तक प्रभावी तरीके से अभियान नहीं चलाया। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते शहर में सड़कों के किनारे अवैध होर्डिंग बढ़ गए हैं। प्रशासन द्वारा कभी कभार अभियान चलाए भी गए हैं, लेकिन प्रभावी साबित नहीं हुए हैं। शहर की मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों पर लगे अवैध होर्डिंग राहगीरों सहित वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

कई स्थानों पर लगाए गए अवैध होर्डिंग से दूर का दिखाई नहीं देता है। फिर तूफान में ये गिर भी जाते हैं, जो जान जोखिम में डालते हैं, मगर इसकी निगम अफसरों को कोई प्रवाह नहीं हैं। गलत तरीके से लगाए गए अवैध होर्डिंग से हादसे भी होने का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार लोगों द्वारा अवैध होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं की जाती है। इससे शहर के हर मार्ग पर अवैध होर्डिंग की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शहर की मुख्य सड़कें अवैध यूनिपोल से पटी पड़ी है। 50 यूनिपोल की अनुमति लेकर ठेकेदार 200-250 यूनिपोल लगा देते हैं।

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यह पूरा खेल जिम्मेदारों और ठेकेदारों की सांठगांठ से चल रहा है। दूसरी ओर मुख्य चौराहों की पुरानी इमारतों पर कई टन वजनी रूफटॉप लगे हुए हैं। इनसे हादसे की आशंका बनी रहती है। कलक्ट्रेट, यूनिवर्सिटी रोड, दिल्ली रोड, बेगमपुल, पीएल शर्मा रोड, इस्टर्न कचहरी रोड, वेस्टर्न कचहरी रोड, शारदा रोड, तेजगढ़ी चौराहा रोड आदि मुख्य सड़कें तो अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल से घिरी हुई हैं। साथ ही शहर के सभी स्कूल कॉलेजों के पास भी यूनिपोल और अवैध होर्डिंग्स की भरमार है।

आरजी इंटर व डिग्री कालेज, इस्माइल डिग्री कालेज, डीएन डिग्री कॉलेज, एनएएस डिग्री कॉलेज के पास भी सड़क पर यूनिपोल की भरमार है। इस समय चुनाव आचार संहिता लगी हुई है। मेरठ में भी आदर्श चुनाव आचार संहिता का डीएम आदेश जारी कर चुके हैं। इस अवधि में किसी भी तरह के न तो नये कार्य के टेंडर या ठेके दिये जा सकते हैं तथा न ही नये कार्य के लिए कोई आदेश जारी हो सकता है, लेकिन डीएम से ऊपर नगर निगम के अधिकारी हो गये हैं। ताजा मामला गुरुवार को देखने में आया।

जब ठेकेदार ने कंकरखेड़ा बाइपास से लेकर 510 आर्मी बेस वर्कशॉप के बीच मुख्य सड़क पर जगह-जगह बीच में से डिवाइडर तोड़ दिये हैं तथा इन डिवाइडरों के बीच में अवैध रूप से होर्डिंग्स व यूनिपोल खड़े कर दिये हैं। लगभग दर्जन भर होर्डिंग्स व अवैध यूनिपोल खड़े कर दिये गये हैं। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि कंकरखेड़ा में मेन रोड पर डिवाइडर तोड़कर वहां यूनिपोल व होर्डिंग्स लगाने की इस समय किसने अनुमति दी? यदि अनुमति नहीं थी तो फिर अफसरों ने कैसे डिवाइडर को रात के अंधेरे में कैसे तोड़ने दिया?

इसके लिए जवाबदेही अफसरों पर कौन करेगा कार्रवाई? यूनिपोल लगाकर कुछ पार्टियों को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया की जा रही हैं। क्योंकि इन पर कुछ दिनों बाद प्रत्याशियों के होर्डिगस लगा दिये जाएंगे। पूरा ही सरधना रोड अंधेरे में डूबा पड़ा रहता है। रात्रि में यहां घुप अंधेरे की वजह से हादसों का अंदेशा बना रहता है, लेकिन स्ट्रीट लाइट तो निगम ने नहीं लगाई होर्डिग्स लग गए। नगर निगम को यहां स्ट्रीट लाइट लगवाने की तो फुर्सत है नहीं, ऊपर से होर्डिंग्स व यूनिपोल लगाने के लिए मौन सहमति दे दी गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच इस तरह के प्रचार संबंधी होर्डिंग्स व यूनिपोल क्या लगाये जा सकते हैं? जब इस संबंध में नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय से बातचीत की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उनकी जानकारी में ऐसा मामला नहीं है। यदि इस समय होर्डिंग्स या यूनिपोल लग रहे हैं तो ये आचार संहिता के नियमों को तोड़ने वाले हैं। मामला दिखवाकर कार्रवाई करायेंगे।

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