- ठीक थी सड़क, जिसके ऊपर दोबारा से नगर निगम इंजीनियरों ने कर दिया दूसरी सड़क का निर्माण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर भर में नगर निगम ने भ्रष्टाचार की सड़क तैयार कर दी हैं। कई सड़कों का निर्माण इसका उदाहरण हैं। इसमें एक सड़क है पीएल शर्मा रोड। यहां ठीक सड़क थी, जिसके ऊपर दोबारा से नगर निगम इंजीनियरों ने दूसरी सड़क का निर्माण कर दिया, जिसमें घटिया सामग्री का प्रयोग किया। जिस दिन ये सड़क बनी, उसके अगले दिन ही ये सड़क उखड़ गई थी। इसकी शिकायत कमिश्नर तक पहुंची। जांच के नाम पर पूरे मामले को रफादफा करने की कोशिश की गई, लेकिन भ्रष्टाचार की सड़क का मामला सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और विधायक अमित अग्रवाल तक पहुंचा, जिसके बाद ये मामला उछल गया।
एक दिन पहले फिर से पीएल शर्मा रोड की सड़क का नये सिरे से निर्माण किया गया। इसकी क्वालिटी अच्छी हैं, जिससे लोग खुश भी हो गए, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जो खराब सड़क का निर्माण किया था, उसमें कार्रवाई क्या हुई? इंजीनियर की मिलीभगत से जो खराब सड़क जनता पर थोप दी गई थी, उसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही हैं। इसका मतलब ये है कि नगर निगम के अफसर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। जब पीएल शर्मा रोड की सड़क को नगर निगम के अधिकारी अच्छा बता रहे थे तो अब उसे नये सिरे से क्यों बनाया गया? इसमें बड़ा खेल किया जा रहा हैं। पीएल शर्मा रोड के लोग तो जागरुक है, जो इसका मुद्दा उठा दिया और सांसद और विधायक तक को शिकायत कर दी।
बाकी शहर में जो सड़क बनाई गयी, उनकी हालत तो और भी खराब हैं। मेयर के आवास के सामने से जो सड़क बनाई गयी, उसकी खराब स्थिति भी मीडिया में आ चुकी हैं। अब उसे भी दूबारा बना दिया गया हैं। आखिर पहली बार में ही सड़क की गुणवत्ता बेहतर क्यों नहीं की जा रही हैं। यदि पहली बार में ही सड़क बेहतर बनाई जाती तो शायद नगर निगम की इतनी किरकिरी नहीं हुई होती, लेकिन यहां तो पहले खराब सड़क बनाई जाती हैं, फिर उसे ठीक किया जाता हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम सड़कों के निर्माण के मामले में किस कदर भ्रष्टाचार कर रहा हैं। इसमें जांच यदि ईमानदारी से हो जाए तो इंजीनियरों की गर्दन भी नप जाएगी।
नहीं मिली लीकेज, अब बच्चा पार्क के पास खुदाई
तीन दिन बाद खुदाई की, लेकिन नतीजा सिफर रहा और गंगाजल पाइप लाइन की लीकेज का पता नहीं चल पाया। अब बच्चा पार्क के पास खुदाई करके पाइप लाइन चेक की गई। लेकिन लीकेज का पता नहीं चल पाया। मजबूरन गड्ढे को ऐसे ही भर दिया गया। गंगाजल की पाइप लाइन नागरिकों की मुसीबत बढ़ा रही है। आये दिन यह पाइप लाइन फट जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह शहर की सड़कों का जर्जर होना है। शहर की सड़कें जीर्ण-शीर्ण होने की वजह से भारी वाहनों की वजह से जैसे ही कोई भारी भरकम वाहन यहां से गुजरता है तो पहले से ही जीर्ण-शीर्ण सड़क धंस जाती है। और उसके साथ ही पाइप लाइन भी दब जाने की वजह से फट जाती है।
पिछले साल भर में गंगाजल की पाइप लाइन शहर में कई जगह फट चुकी है। सबसे पहले अहमद रोड पर प्यारे लाल शर्मा जिला चिकित्सालय के सामने यह पाइप लाइन फटी। लगभग 15 दिन की मशक्कत के बाद जैसे-तैसे यहां से लीकेज को ठीक किया गया तो इसके बाद साकेत में धन्वन्तरि अस्पताल के पास यह पाइप लाइन फट गई। पूरे 10 दिन की मशक्कत के बाद यह पाइप लाइन सही हुई तो अब फिल्मिस्तान सिनेमा के पास यह पाइप लाइन फट गई।
तीन दिन बाद तो नगर निगम के जलकल अनुभाग की टीम ने पाइप लाइन को सुधारने की सुध ली। शनिवार को पूरे दिन इस पाइप लाइन की लीकेज को सही करने की कवायद चलती रही। लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। रविवार को बच्चा पार्क के पास फिल्मिस्तान सिनेमा मार्ग पर पाइप लाइन की मरम्मत करने के लिए बड़ा गड्ढा कर दिया गया। लेकिन लीकेज का पता नहीं चल पाया। मजबूरन इस पाइप लाइन के एिल खोदे गये गड्ढे को ऐसे ही भर दिया गया।

