- शहर के एक नर्सिंगहोम के वार्ड ब्वॉय ने अपहरणकर्ताओं को दिए थे एनेस्थीसिया के इंजेक्शन
- बदमाशों ने दी थी ओवरडोज, जिसके चलते गई योगेंद्र की जान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गाजियाबाद के थाना नंदग्राम के सिकरोड निवासी भट्ठा कारोबारी अपहरण व हत्याकांड में मेरठ के एक नर्सिंगहोम का वार्ड ब्वॉय गिरफ्तार किया गया है। इस वार्ड ब्वॉय के तार अपहरण करने वाले बदमाशों से जुड़े थे। गत एक मई को हुई अपहरण व फिर हत्या की घटना के बाद कारोबारी का शव मेरठ के दौराला थाना के गांव सिवाया के जंगलों से बरामद किया गया था। घटना को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने विकास, मनीष और रोहित की गिरफ्तारी हुई थी। तीनों ने 10 लाख रुपये फिरौती वसूलने के लिए अपहरण की बात कुबूली है।
ऐसे हुआ खुलासा
बदमाशों से की गयी सख्ती से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि अपहरणकर्ता ने योगेंद्र को बेहोश करने के लिए एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया, लेकिन ओवरडोज की वजह से उसकी मौत हो गई। जब पुलिस ने एनेस्थीसिया के मिलने का स्रोत पूछा तो बताया गया कि मेरठ के एक नर्सिंगहोम में काम करने वाला ईश्वर निवासी गांव मैथना थाना इंचौली से भट्ठा कारोबारी को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लिए थे। उसको मोटी रकम का लालच दिया गया था, जब पुलिस ने ईश्वर से कनेक्शन के संबंध में पूछा तो बताया गया कि पहले की गयी तीन गिरफ्तारियोें में शामिल रोहित भी उसी नर्सिंगहोम में काम करता था, जहां ईश्वर काम करता है।

काफी समय पहले रोहित को वहां से निकाल दिया गया था, लेकिन रोहित अक्सर ईश्वर से बातचीत किया करता था। बताया जाता है कि साथ गिरफ्तार किए गए विकास और मनीष के कहने पर ही रोहित ने ईश्वर से बातचीत कर एनेस्थीसिया इंजेक्शन का इंतजाम कराया था, लेकिन ओवर डोज ने उसकी जान ले ली। गाजियाबाद की पुलिस टीम ने मेरठ से ही ईश्वर को दबोचा था, हालांकि उसकी गिरफ्तारी गाजियाबाद के गुलधर से दिखाई है। उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद के भट्ठा कारोबारी देवेन्द्र के पुत्र योगेन्द्र उर्फ गोलू का गत एक मई को अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्यारों ने शव को दौराला थाना के सिवाया के जंगलों में ठिकाने लगाया था, हालांकि तीन दिन बाद हत्यारों ने शव बरामद करा दिया था।
सिपाही की पत्नी की छत से गिरकर संदिग्ध मौत
मेरठ: कस्बे के अशोक विहार कालोनी में किराए के मकान में रह रहे सीओ पेशी में तैनात एक सिपाही सनी की पत्नी प्रियंका की रविवार तड़के मकान की छत से अचानक गिरकर संदिग्ध हालात में मौत हो गयी। बेहद नाजुक अवस्था में उसको सीएचसी लाया गया जहां मृत घोषित कर दिया गया। यह दुखद खबर मिलते ही सीओ सौरभ सिंह समेत मवाना थाना का तमाम स्टाफ सीएचसी पहुंच गया। घटना की जानकारी आला अधिकारियों को दी गयी। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। सहारनपुर के उमरी कला थाना रामपुर मनिहारन निवासी सन्नी पुत्र राकेश वर्ष 2022 से सीओ मवाना में तैनात है। उनका परिवार अशोक विहार कॉलोनी में किराए पर रहता है।
सोनी व प्रियंका के अलावा परिवार में दो बच्चे भी हैं। जिस मकान में परिवार किराए पर रहता है वह दो मंजिला है। प्रियंका दूसरी मंजिल ने नीचे गिर बतायी गयी है। वह मानसिक रूप से बीमार बताई जा रही है। हालांकि इससे पहले उसे सीएचसी मवाना भी लाए थे। सूचना पर तमाम रिश्तेदार वहां पहुंच गए थे। यह भी जानकारी मिली है कि सनी की नियुक्ति 2016 में हुई थी तथा वर्ष 2022 में वह मवाना सीओ पेशी में तैनात है। पत्नी के मानसिक रूप से बीमार होने के चलते सनी की सास भी प्रियंका के साथ ही रह रही थी। सनी दो तीन दिन की छुट्टी लेकर पत्नी को गांव व मायके ले जाता था।

