- इलेक्ट्रिक माल गाड़ियों से की जाएगी माल की लोडिंग अनलोडिंग
- डीएफसी के अधिकारी प्रस्ताव बनाने की कवायद में जुटे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ में इलेक्ट्रिक माल गाड़ियों से माल की लोडिंग अनलोडिंग की सुविधा देने के लिए डीएफसी लॉजिस्टिक हब बनाएगा। इसके लिए डीएफसी के अधिकारी प्रस्ताव बनाने में जुट गए हैं। उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रिक माल गाड़ियों के लिए पंजाब के लुधियाना से लेकर पश्चिम बंगाल के आनपुनी तक ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन आॅफ इंडिया द्वारा किया गया। 1839 किलोमीटर लंबा डीएफसी मेरठ से गुजरता है। मेरठ में न्यू खरखौदा, न्यू परतापुर, न्यू मेरठ कैंट, न्यू दौराला आदि स्टेशन बनाए गए।
यहां से डीएफसी पर रोजाना 40-45 माल गाड़ियां गुजरती हैं। डीएफसी के मेरठ के स्टेशनों पर माल गाड़ियों के रुकने और चलने की सुविधा, लेकिन यहां से माल की लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा नही है। मार्च में डीएफसी पर माल गाड़ियों का संचालन शुरू हो गया। इसके बाद उक्त स्टेशनों का वर्च्युअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इस मौके पर पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल न्यू परतापुर स्टेशन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने जब अधिकारियों से पूछा कि यहां से माल की लोडिंग अनलोडिंग की सुविधा किस स्टेशन से है तो उन्हें बताया गया कि अभी मेरठ में कोई लॉजिस्टिक हब नहीं है।
उन्हें बताया गया कि खुर्जा से लेकर सहारनपुर तक सहारनपुर के पिलखनी और मुजफ्फरनगर के खतौली में ही डीएफसी को मुख्य रेल लाइन से जोड़ा गया। इसलिए वहीं पर लॉजिस्टिक हब बनाने की योजना है। राजेन्द्र अग्रवाल ने डीएफसी के अधिकारियों को बताया कि मेरठ चीनी, सीमेंट, कोयला, खाद आदि के रैक आते हैं। ऐसे में यहां लॉजिस्टिक हब होना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मेरठ में लॉजिस्टिक हब बनाने का आग्रह किया था।
रेल मंत्री ने डीएफसी के अधिकारियों को इसका प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए थे, लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने के बाद इसे रोक दिया गया था। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद एक बार फिर डीएफसीसीआईएल के अधिकारी मेरठ में लॉजिस्टिक हब का प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। न्यू परतापुर व न्यू मेरठ कैंट स्टेशन पर लॉजिस्टिक हब बनाने पर मंथन किया जा रहा है और इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

