- कांवड़ यात्रा मार्ग पर दर्जन भर घटनाओं के बाद बढ़ाई सतर्कता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बीते एक सप्ताह में कांवड़ यात्रा मार्ग पर बवाल की दर्जन भर से ज्यादा घटनाओं के बाद एटीएस यूनिट अलर्ट पर है। एटीएस के साथ अब प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को भी सतर्क कर दिया है। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट अपने डॉग स्क्वाड के साथ कई स्थानों पर नजर आयी। शनिवार को कुछ देर के लिए एटीएस की यूनिट जनपद मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुई थी, लेकिन बाद में हालांकि परतापुर में बवाल की घटना के बाद एटीएस यूनिट वापस मेरठ लौट आयी।
मेरठ पहुंचने के बाद एटीएस के जवानों ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर मजबूत मौजूदगी दर्ज करायी। उन्होंने मोदीपुरम उसके आगे सिवाया, सकौती व एनएच-58 पर भी फुट मार्च निकाला। इन स्थानों पर एटीएस के चंद मिनटों के स्टे कराकर संदेश देना था कि एटीएस भी यहां पर एक्टिव है। पिछले चार दिन से यह यूनिट मेरठ में ही कैंप किए हुए थी। एटीएस जहां भी मूव कर रही है। अपने ही वाहन से मूव कर रही है। दरअसल, शासन स्तर पर कांवड़ यात्रा को लेकर बेहद गंभीरता बरती जा रही है।
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सूबे के चीफ सेक्रेटरी मनोज सिंह व डीजीपी प्रशांत कुमार ने देहरादून व मेरठ में चारोें राज्यों के अफसरों के साथ मीटिंग की थीं। उसके बाद एडीजी टैÑफिक आए और कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने को लेकर अफसरों से चर्चा की। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस प्रशासन एडीजी, कमिश्नर, डीएम व एसएसपी सरीखे तमाम अफसरों की लोकेशन हर वक्त रोड पर मिलती है, उसके बाद भी अब तक बवाल की दर्जन भर के करीब घटनाए हो चुकी हैं। मेरठ के परतापुर बाइपास पर सोतीगंज निवासी कार सवार चार लोगों की पिटाई को लेकर तो खुद अफसर भी सकते में हैं।
मेरठ की यह इकलौती घटना है। इसके इतर मुजफ्फनगर की बात करें तो वहां अकेले छपार में ही अब तक दो बार बवाल हो चुका है। इन दो घटनाओं के अलावा भी कई बार शांतिभंग हुई है। वहीं, इस संबंध में एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान एटीएम का मूवमेंट एक रूटीन वर्क है। पूर्व के सालों में भी एटीएस हमेशा ही कांवड़ यात्रा के दौरान तैनात की जाती रही है। उन्होंने जोर देकर स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा को लेकर किसी प्रकार की एडवाइजरी गृह विभाग की ओर जारी नहीं की गयी है।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर ड्रोन से निगरानी
पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों ने शनिवार को कांवड़ यात्रा मार्ग पर दो बार ड्रोन उड़ाकर हालात का जायजा लिया। कांवड़ यात्रा नोडल अधिकारी, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि ड्रोन उड़ाकर नहर पटरी कांवड़ यात्रा मार्ग का जायजा लिया गया। कांवड़ पटरी मार्ग पर जहां से जनपद मुजफ्फरनगर की सीमा शुरू होती है, वहां से ड्रोन उड़वाया गया। उसके बाद आसपास के एसक बडेÞ इलाके में ड्रोन से निगरानी करायी गयी। नहर पटरी मार्ग पर दो स्थानों से ड्रोन उड़वाए जाने की जानकारी नोडल अधिकारी ने दी। इसके अलावा हाइवे पर भी ड्रोन को उड़वाया गया। राघवेन्द्र मिश्रा ने बताया कि इस दौरान सब कुछ सामान्य पाया गया।
कांवड़ यात्रा सामान्य तरीके से चल रही है। कहीं भी किसी प्रकार की असुविधा जैसी बात नजर नहीं आयीं। उन्होंने बताया कि एहतियातन ड्रोन उड़ावाया गया ताकि हर चीज पर नजर रखी जा सके। कांवड़ यात्रा चलने तक प्रशासन दिन में कई बार अलग-अगल स्थानों पर ड्रोन उड़ाकर निगरानी करेगा। ड्रोन में लगे कैमरे में सभी चीजे कैद होती हैं। इससे व्यवस्थाओं को भी परखने में सुविधा रहती है। चप्पे-चप्पे पर नजर होती है। हर चीज कैमरे में कैद हो जाती है। वहीं, दूसरी ओर ड्रोन कैमरे को लेकर कांवड़ियों व अन्य लोगों में खासी उत्सुकता देखी गयी। जब सिर के ऊपर से ड्रोन कैमरा गुजरा तो तमाम लोग देखने लगे। कुछ अजीबो गरीब हकरतें भी करने लगे ताकि कैमरे में कैद हो सकें।
24 घंटे काम करेगा कांवड़ कंट्रोल रूम
डीएम के निर्देश पर कांवड़ कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गयी है। अपर जिलाधिकारी, नोडल अधिकारी, कांवड़ कंट्रोल रूम राजपाल सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने को कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, कंट्रोल रूम दो अगस्त कांवड़ यात्रा समाप्ति तक 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। यदि कांवड़ यात्रा के संबंध में किसी भी व्यक्ति को कोई शिकायत या समस्या है तो वह कांवड़ कंट्रोल रूम बचत भवन कलेक्ट्रेट में स्थापित दूरभाष संख्या 0121-2664134 एवं 0121-2667080 पर दर्ज करा सकता है।

