Monday, April 6, 2026
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Dharm News: देवों की नहीं बल्कि भूतों की पूजा होती हैं इस जगह, यहां जानें खास खबर

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन हैं। भारत पूरे विश्व मे अपने धर्म और संस्कार के लिए जाना जाता हैं। जहां एक ओर भारत को इसके मशहूर किलों, हवेलियों, शानदार महलों और लक्जरी होटलों के लिए जाना जाता है, वहीँ दूसरी ओर भारत दुनियाभर में अपने मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों के लिए भी उतना ही मशहूर है। वहीं भारत मे एक ऐसा मंदिर स्थित हैं प्रेतो की पूजा की जाती हैं। आइए जानते है इस मंदिर के बारे में।

विश्व पर्यटन के नक्शे पर अमिट छाप रखने वाला राजस्थान अपनी शाही और राजसी भव्यता, किलों, महलों, पर्यटक स्थलों के अलावा भव्य मंदिरों के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भारत के राजस्थान राज्य के दौसा जिले में स्थित एक हिंदू मंदिर है, जो बजरंगबली हनुमान जी को समर्पित है। हनुमान जी को ही बालाजी के रूप में भी जाना जाता है। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि भगवान अपने भक्तों को बुरी आत्माओं और परेशानियों से मुक्ति दिलाते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त बालाजी को बूंदी के लड्डू का भोग लगाते हैं और भैरव बाबा को उड़द की दाल व चावल चढ़ाते हैं जो बुरी आत्माओं से मुक्ति पाने में उनकी मदद करते हैं।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में तीन भगवानों की पूजा की जाती है। लेकिन इस मंदिर में मुख्य रूप से हनुमान जी की पूजा होती है और इसके अलावा यहां प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा को भी पूजा जाता है। मंदिर के इन तीनों देवताओं को भूतों, प्रेतों और आत्माओं से संबंधित माना जाता है। मंदिर में बालाजी की जिस मूर्ति की पूजा की जाती है उसके बारे में यह कहा जाता है कि यह मूर्ति अपने आप प्रकट हुई थी।

बताया जाता है कि इस जगह पर हनुमान जी की लीला बालकाल से ही शुरू हो गई थी इसलिए इस मंदिर को बालाजी के नाम से जाना जाता है। भक्तों का मानना है कि इस मंदिर में एक दिव्य शक्ति है जो बुरी आत्माओं के चंगुल में फंसे लोगों को ठीक करने
की ताकत रखती है।

यहां जाते समय भूलकर भी न करे ये काम

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर से वापस जाते समय कोई भी प्रसाद, पानी या खाद्य पदार्थ आदि अपने साथ वापस ले जाना अशुभ माना जाता है। इसके साथ ही मंदिर में किसी भी अनजान से बात करने और छूने से बचने की सलाह भी दी जाती है क्योंकि किसी पीड़ित व्यक्ति को छूने से आप भी प्रभावित हो सकते हैं। इसके साथ ही जब आप मंदिर से जाते हैं तो कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखें क्योंकि इस तरह पीछे देखना किसी बुरी आत्मा को निमंत्रण देने जैसा हो सकता है।

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