Tuesday, April 28, 2026
- Advertisement -

साइबर अपराधियों की फौज, हड़प गई आठ करोड़

  • इस साल के 241 दिनों में साइबर अपराधों के रूप में हुई 12 करोड़ की ठगी
  • साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुए 70 मुकदमों में ठगों के हलक से निकाली चार करोड़ की रकम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: डिजिटल युग में साइबर क्रिमिनल जनता के खून-पसीने की गाढ़ी कमाई पर गिद्ध दृष्टि गड़ाए है। कब, कौन और कैसे आर्थिक ठगी का शिकार हो जाएं, कहना मुश्किल है। अकेले साइबर थाने में 241 दिनों में दर्ज हुए 70 के करीब मुकदमों में 12 करोड़ की धनराशि पर हाथ फेरा गया। गनीमत रही कि साइबर विशेषज्ञों की कोशिश से सिर्फ चार करोड़ की रकम को बचा लिया गया, बाकी आठ करोड़ रुपये साइबर क्रिमिनल हजम कर गए। जबकि थानों में दर्ज हुए साइबर ठगी के मुकदमों में गई धनराशि का हिसाब अलग है। आप सभी सावधान रहे, फिलहाल सीबीआई, ईडी के नाम पर डिजीटल अरेस्ट और टेÑडिंग के नाम पर ठगी का नया खेल खूब फल और फूल रहा है।

पश्चिमी यूपी में एक समय रंगदारी, अपहरण और फिरौती की गूंज थी। देश भर के हिस्सों से पकड़ को यहां लाकर रखा जाता था। अपहरण करने वाले गैंग मुंह मांगी रकम वसूल कर पकड़ को रिहा करते थे। अपहरण उद्योग तो अब पूरी तरह दम तोड़ चुका हैं, रंगदारी मांगने के इक्का-दुक्का किस्से सुनने को मिलते हैं, मगर बदलते वक्त में आर्थिक अपराध तेजी से बढ़ा हैं, इनमें साइबर अपराध इन दिनों अपने चरम पर है। अनपढ़ क्या, पढ़े लिखे लोग और अधिकारी तक साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। अब कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा है।

जिसके नाम पर ठगी का यह खेल ना खेला गया हो। पुलिस से लेकर सरकार तक साइबर के बढ़ते अपराधों को लेकर चिंतित है। हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क खोलने के साथ लोगों को जागरूक करने के तमाम प्रयास कर रहे है, मगर साइबर ठगी के आंकड़ों का सिलसिला कम होने के बजाए लगातार बढ़ रहा है। महानगर में चल रहे साइबर क्राइम थाने की बात करें, तो रोजमर्रा ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नए-नए किस्से सामने आ रहे है। साल के बीते दिनों में थाने में करीब 70 साइबर अपराध से जुड़े मुकदमे दर्ज हुए है।

इनमें एक अनुमान के मुताबिक करीब 12 करोड़ रुपये की धनराशि की हेराफेरी की गई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस दावा करती है कि इसमें से करीब चार करोड़ रुपये की धनराशि को साइबर ठगों के हलक से बाहर लाया गया है। जाहिर है कि इस खेल में साइबर क्रिमिनल मेरठ जिले के लोगों के आठ करोड़ रुपये हजम कर गए। पुलिस केवल बैंक खातों की धूल फांकती रह गई है, क्योंकि इन ठगों का नाता सैंकड़ों किलोमीटर दूर तमिलनाड़ू, कोलकाता, झारखंड, बिहार आदि राज्यों से जुड़ा था। अधिकांश बैंक खाते फर्जी आईडी पर खुले होने के कारण पुलिस के साइबर विशेषज्ञ हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं कर सके।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताड़ा का कहना है कि साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है। इसके लिए साइबर क्राइम से जुड़े विशेषज्ञ स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के अलावा विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों को कार्यशाला के माध्यम से जागरूक कर रहे है। यदि किसी के साथ कोई ठगी होती है तो तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी अथवा थाने पर खुली साइबर हेल्प डेस्क पर सूचना दें। ताकि ठगी गई रकम को बचाया जा सके।

ट्रेंड में है ठगी के ये तरीके

  • साइबर अपराधी इन दिनों अभिभावकों व रिश्तेदारों को फोन करके उनके बच्चे, भतीजे, भांजे आदि को रेप या अन्य किसी गंभीर अपराध में पकड़े जाने का डर दिखाकर अपने जाल में फंसाते हैं। बड़ी बात यह है कि यह ठग हमेशा वाट्सएप पर ही आॅडियो कॉल करते है। इनकी वाट्सएप डीपी पर खाकी वर्दीधारी किसी अधिकारी का फोटो लगा होता है। जिस कारण संबंधित व्यक्ति को सहजता से उनकी बातों पर विश्वास हो जाता है। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग जेल ना भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते हैं।
  • ट्रेडिंग फ्रॉड भी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें साइबर अपराधी युवाओं और व्यापारियों को अपना निशाना बनाते है। उन्हें लाखों रुपये के मोटे मुनाफे का लालच देकर फंसाया जाता है। इस फ्रॉड में पहले मोटे मुनाफे का लालच देकर उनकी पूंजी को फेक ट्रेडिंग एप के माध्यम से निवेश कराया जाता है। शुरुआत में कुछ मुनाफा देकर उनके विश्वास को बढ़ाया जाता है। लालच में फंसकर जब संबंधित व्यक्ति मोटी रकम का निवेश करता है तो एक झटके में ही बड़ी ठगी कर ली जाती है। मेरठ में हाल में ही ऐसी सबसे बड़ी दो करोड़ की ठगी हुई है।
  • डिजीटल अरेस्ट के नाम पर भी ठगी का बड़ा खेल चल रहा है। सीबीआई, ईडी और पुलिस के नाम पर साइबर ठग लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। दरअसल, साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए उन्हें वीडियो कॉल करता है और अपने बैकग्राउंड में पुलिस स्टेशन की तरह बना देता है। जिसे देख संबंधित व्यक्ति पहले ही डर जाता है। इसके बाद वह डराने का काम शुरू करता है और कहता है कि आपका आधार कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर और सिम कार्ड आदि का प्रयोग किसी गैरकानूनी काम में किया गया है। ठग व्यक्ति से इस तरह बात करता है कि वह उसे घर में ही कैद कर देता है, वीडियो कॉल से भी हटने नहीं देता है। इसके बाद जमानत के नाम पर उससे मोटी रकम की डिमांड की जाती है। ठग के जाल में फंसा व्यक्ति खुद को बचाने के लिए आॅनलाइन पेमेंट कर देते हैं।
  • अश्लील वीडियो चैट के माध्यम से भी ठगी के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस ठगी का शिकार होने वालों में युवाओं की संख्या अधिक है। इसमें साइबर ठग लड़की होती है, जो आपत्तिजनक अवस्था में रहकर वीडियो कॉल कर बिना कुछ बोले ही अश्लील गतिविधियां करती है। जैसे ही वीडियो कॉल कटती है, तो तुरंत ही अन्य नंबर से कॉल आती है। जिसपर कोई मेल ठग अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग की बात कहते हुए उसे वायरल करने की धमकी देता है। वायरल न करने की एवज में कई किश्तों में वसूली की जाती है। जो लोग पैसे नहीं देते हैं, उसके फेसबुक अकाउंट पर ही आॅटोमेटिक वह वीडियो पोस्ट हो जाती है।
spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

सोशल मीडिया में एआई का दखल

सोशल मीडिया ने लोगों के संपर्क, संचार और सूचना...

शिक्षा से रोजगार तक का अधूरा सफर

डॉ विजय गर्ग आधुनिक समय में शिक्षा और रोजगार का...

ट्रंप के बोल कर रहे दुनिया को परेशान

डोनाल्ड ट्रंप जब से दूसरी बार राष्ट्रपति बने तभी...

खोता जा रहा उपभोक्ता का भरोसा

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के मधु विहार के एक...

चेतावनी है अप्रैल की तपिश

बीती 20 अप्रैल 2026 को विश्व में 20 ऐसे...
spot_imgspot_img