- राज्यपाल के निर्देश पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के सहयोग से इस कोर्स की शुरुआत विश्वविद्यालय कैंपस में हुई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ज्वेलरी डिजाइन और टेक्नोलॉजी के डिग्री कोर्स का उद्घाटन किया। राज्यपाल के निर्देश पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के सहयोग से इस कोर्स की शुरुआत विश्वविद्यालय कैंपस में हुई। इस कोर्स को शुरू करने में निवर्तमान सांसद राजेंद्र अग्रवाल का सहयोग रहा। इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को ज्वेलरी डिजाइन के क्षेत्र में उच्च तकनीक की पढ़ाई के साथ पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों का ऐसा ज्ञान प्रदान करना है, जिससे वे भारत व विदेश में अपने हुनर का प्रदर्शन कर सकें।
कोर्स की कोआॅर्डिनेटर प्रो. बिंदू शर्मा ने कहा कि भविष्य में हम एक डिजाइन प्रतियोगिता भी आयोजित करेंगे, जिसके विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने सभी ज्वेलरी व्यापारियों ने छात्रों के प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इस कोर्स में 30 छात्रों ने प्रवेश लिया। ज्वेलरी व्यापारियों ने आश्वासन दिया है कि वे सभी योग्य छात्रों को रोजगार दिलाने में पूरा सहयोग करेंगे, साथ ही उन्हें इंटर्नशिप की सुविधा भी देंगे। इस मौके पर मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने विजयी छात्र को प्रथम पुरस्कार अपनी ओर से देने को कहा।
कार्यक्रम में विजयआनन्द अग्रवाल, रवि प्रकाश अग्रवाल, दीपक रस्तोगी, संदीप अग्रवाल, अशोक रस्तोगी, अनिल जैन बंटी, सुयश रस्तोगी, शम्मी सपरा, अनुज जैन, अपार मांगलिक, आश्रय मांगलिक, अरविंद महेश्वरी, डॉ. बीबी अग्रवाल, यश रस्तोगी, प्रचुर अग्रवाल,आफरीन, नेहा मित्तल, मुदित मित्तल आदि मौजूद रहे।
ललित कला विभाग के भवन का लोकार्पण
कुलाधिपति व प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में ललित कला विभाग के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल ने किया। प्रदर्शनी में एमएससी फैशन डिजाइनिंग, अप्लाइड आर्ट, ड्राइंग एंड पेंटिंग, टैक्सटाइल डिजाइनिंग, डीएफडी (डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग) और बीएफए (बैचलर आॅफ फाइन आर्ट्स) के छात्र-छात्राओं द्वारा वेस्ट मटेरियल से बनाई गई कलाकृतियों को प्रदर्शित किया।
राज्यपाल ने ललित कला विभाग की समन्वयक प्रो. अलका तिवारी व सभी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी कला को स्वरोजगार व कौशल विकास के माध्यम से अथोर्पार्जन का साधन बनाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह, डा. प्रदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।

