- शव की नहीं हो सकी शिनाख्त, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: बुधवार को क्षेत्र के एक गांव के जंगल में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बुधवार को कोतवाली क्षेत्र के बेगमाबाद गांव के जंगल में कुछ किसान अपने खेतों पर जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने हरबीर के बाग के निकट नलकूप के पास एक युवक का शव पड़ा हुआ देखा। उसके पास एक जहर का पैकेट, गांजे का पैकेट, बीड़ी का बंडल आदि पड़ा था। उन्होंने मामले की सूचना ग्रामीणों और पुलिस को कर दी।
सूचना से मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी भेज दिया। माना जा रहा है कि युवक ने आत्महत्या की होगी। इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टि जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारणा का पता चल सकेगा।
गृह क्लेश में अधेड़ ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
खरखौदा: मेरठ-बुलंदशहर हाइवे स्थित डीएवी डिग्री कॉलेज के सामने कस्बा निवासी विजय गुप्ता पुत्र लाजपतराय के आम के बाग में बुधवार सुबह पेड़ पर अधेड़ का शव लटका होने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार कर शिनाख्त कराने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे कस्बे के लोगों ने मृतक की शिनाख्त योगेंद्र उर्फ जॉनी (45) पुत्र राजेंद्र जाटव के रूप में हुई। वहीं, पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर घटना की जांच पड़ताल की। जानकारी मिलने पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने बताया कि योगेंद्र मंगलवार शाम घर से बिना बताए चला गया।
देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कुछ सुराग नहीं लगा। वहीं, ग्रामीणों में चर्चा रही कि योगेंद्र के घर में कुछ दिन से क्लेश चल रहा था। जिसके चलते उसने कदम उठा लिया। इससे पूर्व भी योगेंद्र द्वारा आत्महत्या के प्रयास करने की भी चर्चा रही है। वहीं, इस संबंध में थाना प्रभारी अशोक यादव ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
घर के बाहर कोई रख गया नवजात
मेरठ: लोहिया नगर थाना के काजीपुर में बुधवार की अल सुबह एक घर के चबूतरे पर नवजात को छोड़कर चलाया गया। यह मकान गांव के यशपाल पुत्र ब्रजपाल नाम के शख्स का है। सुबह करीब सात बजे परिवार वालों ने जब घर का गेट खोला तो वहां नवजात शिशु कपडेÞ में लपेट कर रखा हुआ था। बताया जाता है कि नवजात शिशु को देखकर परिवार वाले तो पहले एकाएक पीछे हट गए। उन्होंने इधर-उधर नजर दौड़ायी।
आवाजें भी लगायी कि कोई नजर आ जाए। लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। परिवार की महिलाओं ने नवजात को उठाया तो उसकी सांसें चल रही थीं। इस बीच यह खबर पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गयी। बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। जितने मुंह उतनी बातें सुनने में आने लगीं। लोगों का कहना था कि यदि नवजात पर स्ट्रीट डॉग की नजर पड़ जाती तो इसको मारकर खा गए होते।
कुछ का यह भी कहना था कि हो सकता है कि जिसने इसको रखा है वो कहीं छिपकर देख रहा हो। तमाम बातें कही और सुनी जा रही थीं। बाद में सभी की राय से तय किया गया कि नवजात को थाने के सुपुर्द कर दिया जाए। कुछ लोगों को साथ लेकर यशपाल का परिवार नवजात को लेकर थाना लोहिया नगर आ गया। वहां से इसे पुलिस वालों ने सीडब्लूसी के पदाधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।

