- आरक्षित और अनारक्षित दोनों वर्ग के अभ्यार्थियों की अटकी हैं सांसें
- सुपीम कोर्ट में अब 11 नवंबर को होगी मामले में सुनवाई, राहत की उम्मीद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सूबे शिक्षक भर्ती मामले में दोनों ही पक्षों को दिवाली बाद राहत की उम्मीद है। हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि बीते मंगलवार को राहत भरा फैसल आ सकता है जिससे दिवाली और भी ज्यादा रंगीन हो जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और अब 11 नवंबर को होने वाली सुनवाई तक दोनों ही पक्षों को इंतजार करना होगा। दोनों ही पक्ष चाहते हैं कि इस मामले को ज्याद दिन तक ना लटकाया जाए, जो होना है जल्द से जल्द हो जाए। दरअसल, 69000 शिक्षक भर्ती मामले में मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी है।
इससे आरक्षित व अनारक्षित दोनों वर्ग के अभ्यर्थी निराश हैं।उत्तर प्रदेश 69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में 15 अक्टूबर को सुनवाई होनी थी। पिछले 23 सितंबर को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई थी। सुनवाई के लिए केस सप्लीमेंट्री लिस्ट में 40वें नंबर पर लगा है, अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार कुछ तैयारी से आयेगी। जिससे केस का निस्तारण हो सके। अब इस मामले की सुनवाई 11 नवंबर को होगी। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि नई तिथि को उनको न्याय मिलेगा।
ये पूरा मामला
बता दें कि 69000 शिक्षक भर्ती में चल रहे मामले में पिछले दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के डबल बेचने पुरानी सभी सूची रद्द करते हुए नए सिरे से आरक्षण के नियमों के अनुसार सूची बनाने के निर्देश दिए थे, इसके तुरंत बाद लगभग चार साल से इस भर्ती में आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाते रहे। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने इस आदेश को तुरंत लागू करने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी सरकार से इसका पालन किए जाने के लिए आग्रह भी किया, लेकिन सरकार इस पर आगे नहीं बढ़ पाई और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सुना जाना है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट चले गए जहां मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले में सुनवाई कर चुकी है।
23 सितंबर को नहीं हो पाई सुनवाई
इसके बाद सभी पक्षों को लिखित सूचना देने के साथ ही 23 सितंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन हो नहीं पाई। जिसके बाद इस मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई होनी तय की गई थी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी भी इससे निराश थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि इससे जुड़ी एक नई रिट पर सुनवाई प्रस्तावित है। हम कोशिश करेंगे कि इसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्यम से अपनी रिट पर भी सुनवाई की अपील करेंगे। क्योंकि हम पहले से ही चार साल से इंतजार कर रहे हैं। अब यह मामला और भी खिंचता जा रहा है। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द हमें नियुक्ति देकर इस मामले का पटाक्षेप करे।
एसएसपी ने सभी नौ पेशियों के पेशकार बदल डाले
मेरठ: एसपी देहात के पेशकार के निलंबन के बाद एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बुधवार को बड़ा निर्णय लेते हुए सभी 9 पेशियों में बदलाव कर दिए। इस कार्रवाई में तमाम शहरी स्टाफ को देहात और देहात स्टाफ को शहर भेज दिया। सबसे बड़ी बात यह थी कि पहली पेशी में एक साथ काम करने वाले स्टाफ को अलग-अलग पेशी में तैनात किया गया। कुल 45 हेड मोहर्रिर व कांस्टेबलों को एक साथ इधर से उधर करने के बाद हड़कंप मचा है। बुधवार को पूरे दिन एसएसपी की यह कार्रवाई चर्चा में रही। एसएसपी की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है।
बताया जाता है कि सर्किल आॅफिसों से भी तरह तरह की शिकायत एसएसपी के पास पहुंच रहीं थी। इनमें बड़ी संख्या भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की थीं। दीपावली से ठीक पहले इस तरह का एक्शन होने से पूरे महकमे में खलबली मच गई है। इस एक्शन के बाद काफी काफी समय से अन्य सीटों पर जमे लोगों को भी गाज गिरने का डर सता रहा है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि जल्द ही जनपद के कुछ थानेदारों पर गाज गिर सकती है। इनके अलावा कुछ सर्किलों में भी बदलाव किया जा सकता है।

