Tuesday, April 28, 2026
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लंदन से आयी महिला की हालत नाजुक, दिल्ली रेफर

  • दंपति, बच्चों के अलावा महिला के रिश्तेदार और नौ पड़ोसी भी संक्रमित
  • मकान हॉट स्पॉट, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किया रास्ता सील
  • स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, परिजनों को दी दवा
  • संक्रमितों को किया सुभारती अस्पताल के आइसोलेशन में भर्ती

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के खतरे के बीच में मेरठ के टीपीनगर लल्लापुरा संत विहार में लंदन से आए एक परिवार के तीन लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण होने से हड़कंप मचा है। इनमें महिला की हालत नाजुक बतायी जा रही है। उसे दिल्ली रेफर किया गया है।

पड़ोस में रहने वाली एक महिला भी ज्यादा गंभीर है। हालांकि वह अभी मेरठ में ही भर्ती है। दंपति समेत एक बच्चा व रिश्ते की भाभी संक्रमित हैं। इनके पड़ोस में रहने वाले नौ अन्य की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। विभाग को आशंका है कि यह स्ट्रेन-2 का संक्रमण भी हो सकता है। इस प्रकरण की रिपोर्ट मिलने पर मेरठ के बाद लखनऊ से पल-पल की जानकारी ली जा रही है।

परिवार 14 दिसंबर को लंदन से मेरठ आया था। इस परिवार में यहीं रहने वाली एक महिला में वायरस के लक्षण मिले, जिसकी एंटीजन जांच पॉजिटिव आई। इसके बाद लंदन से आए दंपति व दोनों बच्चों के साथ ही परिवार के अन्य सभी लोगों व पड़ोस में ही रहने वाले एक परिवार का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया।

शुक्रवार शाम को जारी रिपोर्ट में पहले लंदन से आए परिवार को निगेटिव बताकर सूचना शासन को भेज दी गई। बाद पता चला कि लंदन से आए परिवार में लोगों के साथ ही पिता व भाभी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। मां को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पास ही रहने वाले एक परिवार के नौ सदस्य भी संक्रमित मिले हैं। इसकी सूचना भी लखनऊ भेज दी गई है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि अन्य लोग जो विदेशों खासतौर से ब्रिटेन से आ रहे हैं, उनका ब्योरा जुटाया जा रहा है।

मेरठ आया एक यात्री भी लंदन लौटा, सावधानी के लिए लगवाए इलाके में पोस्टर

ब्रिटेन से आया एक शख्स यहां वापस लौट गया है। स्वास्थ्य विभाग उसके संपर्क में आने वालों की सरगर्मी से तलाश कर रहा है। सभी की कांटेक्ट ट्रेसिंग के निर्देश दिए गए हैं। ब्रिटेन से आए लोगों के केस सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। वहीं पता चला है कि जो लोग लंदन से मेरठ आए थे, उनमें एक शख्स यहां से लंदन भी लौट गया है।

संत बिहार टीपीनगर में ब्रिटेन से लौटे लोगों के घर के पास को कोरोना संक्रमित क्षेत्र घोषित करने के साथ वहां पर बैरिकेडिंग की गई है। जगह-जगह पर लोगों को अलर्ट करने के लिए पोस्टर्स भी लगवाए गए हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि नौ दिसंबर के बाद यूरोप से मेरठ पहुंचने वाले 44 यात्रियों की रिपोर्ट दी थी।

इसमें से 12 यहां से देश के दूसरे हिस्से में जा चुके हैं। 32 में से 15 की जांच रिपोर्ट शुक्रवार रात मिली। इसमें लंदन से आने वाले एक ही परिवार के तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलते ही खलबली मच गई। शासन ने तीनों मरीजों में स्ट्रेन-2 की जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेजने के लिए कहा है।

परिवार को आइसोलेट कर निगरानी में रखा गया है। एक यात्री बीच में मेरठ से लंदन लौट गया, जबकि हैदराबाद एवं दिल्ली के निवासी 10 यात्रियों का पता मेरठ का दिया गया था, जिनके बारे में स्वास्थ्य विभाग जानकारी जुटा रहा है।

दंपति व पड़ोसी के संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर

बीते 14 दिसंबर को ब्रिटेन से मेरठ आए दंपति व उनके बच्चे को लेकर अफसरों ने हड़बड़ी में शासन को तीनों के निगेटिव होने की सूचना भेज दी थी। यह कैसे हुआ इस पर अफसर बोलने को तैयार नहीं। हालांकि शासन को भेजी नयी जानकारी में स्वास्थ्य विभागों ने अपनी चूक को दुरुस्त कर लिया है।

विदेशों खातसौर से ब्रिटेन से आने वाले नागरिकों के संक्रमित निकलने की आशंका के चलते शासन व स्थानीय अफसरों में हड़कंप है। हालांकि जहां तक ब्रिटेन के स्ट्रेन वायरस की बात है तो उसकी पुष्टि नई दिल्ली स्थित लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

मची है खलबली

ब्रिटेन से लौट रहे लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण मिलने के बाद चिकित्सक इसको कोरोना के नए वेरिएंट होने की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेरठ में स्टेÑन की जांच अभी नहीं हो रही है। नई दिल्ली व पुणे लैब में इसकी जांच संभव है। जो तीन मरीज मिले हैं, उनके सैंपल नई दिल्ली स्थित लैब भेजे गए हैं।

संक्रमितों के बढ़ने की आशंका

टीपीनगर के संत नगर निवासी परिवार में ब्रिटेन से जो दंपति व उनके दो बच्चे आए हैं, उनकी मार्फत या जो उनके कांटेक्ट में आए हैं। उनकी मार्फत था उनके यहां काम करने आने वाली चौका बर्तन वालियों के मार्फत संक्रमण के फैलने की आशंका जतायी जा रही है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम कांटेक्ट टेÑसिंग भी कर रही है।

अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
प्रकरण को लेकर प्रशासन के साथ ही उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी हाई अलर्ट पर है। परिवार सर्विलांस पर है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि अब कोई भी लापरवाही प्रदेश को भीषण मुसीबत खड़ी कर देगी। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. प्रशांत कुमार का कहना है कि सभी की नजर अब नई दिल्ली लैब से आने वाले परिणाम पर टिकी है। हम नजर रखे हुए हैं।

ब्रिटिश स्ट्रेन पर सोमवार तक होगी तस्वीर साफ

ब्रिटेन से मेरठ पहुंचने वालों में स्ट्रेन वायरस को लेकर सोमवार की शाम तक तस्वीर साफ हो सकेगी। वहीं, दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीमें ऐसे लोगों का ब्योरा जुटा रही हैं जो 14 दिसंबर के बाद और उससे पहले किसी भी देश से मेरठ पहुंचे हैं।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि टीपीनगर के संत विहार निवासी ब्रिटेन से आए जिन लोगों के सैंपल कोरोना पॉजिटिव आए हैं उनमे ब्रिटेन के स्ट्रेन वायरस की पुष्टि के लिए सोमवार की शाम तक इंतजार करना होगा। इसकी पुष्टि के लिए सैंपल लेकर नई दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

फिलहाल पुणे व नई दिल्ली प्रयोगशालाओं में ही इस प्रकार की जांच की सुविधा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी यह बताना संभव नहीं कि मेरठ में ब्रिटेन समेत अन्य देशों से कितने लोग आए हैं और कब-कब ये लोग आए हैं। इनमें से कितने लोग ऐसे हैं जो विदेश लौट गए हैं। इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।

इससे भी बड़ा काम उन लोगों को ब्योरा जुटाना है जो विदेशों से आने वालों के संपर्क में आए हैं। विदेशों से आने वालों का पूरा ब्योरा हासिल करने के बाद उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीमें फिलहाल उन लोगों को रडार पर ले रही हैं जो 14 दिसंबर के बाद आए हैं तथा जो जानकारी वाया स्वास्थ्य मंत्रालय एयरपोर्ट से भेजी जा रही हैं। स्ट्रेन वायरस की आशंका के चलते इस प्रकार की जानकारी सभी जगह भेजी जा रही है।

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