जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पासपोर्ट ताकत में महत्वपूर्ण सुधार करते हुए हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की नई रैंकिंग में 85वें स्थान से छलांग लगाकर 77वां स्थान हासिल किया है। यह जानकारी हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जुलाई 2025 में जारी की गई रिपोर्ट में सामने आई है।
59 देशों तक वीज़ा-मुक्त या ऑन-अराइवल सुविधा
रिपोर्ट के अनुसार, अब भारतीय पासपोर्टधारक 59 देशों में वीज़ा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह पिछले संस्करण की तुलना में दो नए गंतव्यों की वृद्धि है। भले ही यह बढ़ोतरी मामूली हो, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह भारत की राजनयिक सक्रियता और द्विपक्षीय समझौतों के चलते संभव हो सका है।
सिंगापुर टॉप पर, एशियाई देशों का दबदबा कायम
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में सिंगापुर ने एक बार फिर शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। सिंगापुर के नागरिक 193 देशों में बिना वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जहां प्रत्येक को 190 गंतव्यों तक वीज़ा-मुक्त पहुंच प्राप्त है।
यूरोपीय देशों का प्रदर्शन भी मजबूत
तीसरे स्थान पर डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और स्पेन संयुक्त रूप से हैं, जिनके पासपोर्ट धारकों को 189 देशों में वीज़ा-मुक्त प्रवेश मिलता है।
चौथे स्थान पर ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल और स्वीडन हैं, जिनके लिए यह संख्या 188 है। न्यूजीलैंड, ग्रीस और स्विट्ज़रलैंड पाँचवें स्थान पर हैं, और इनके पासपोर्ट धारक 187 देशों तक पहुंच रखते हैं।
अमेरिका और ब्रिटेन की रैंकिंग में गिरावट
हेनले इंडेक्स के अनुसार, अमेरिका और ब्रिटेन की पासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका अब केवल 182 गंतव्यों तक वीज़ा-मुक्त पहुंच के साथ 10वें स्थान पर है — यह पहली बार है जब अमेरिका शीर्ष 10 से बाहर होने की कगार पर है।
ब्रिटेन भी गिरकर 186 देशों की वीज़ा-मुक्त पहुंच के साथ 6वें स्थान पर पहुंच गया है।
सऊदी अरब को भी मिली बढ़त
इस बार की रैंकिंग में सऊदी अरब की स्थिति में भी सुधार देखा गया है। उसकी रैंकिंग चार स्थान ऊपर चढ़कर 54वें स्थान पर पहुंची है और अब वह 91 गंतव्यों तक वीज़ा-मुक्त या ऑन-अराइवल सुविधा प्राप्त कर सकता है।
आईएटीए डेटा पर आधारित है रैंकिंग
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित होती है। इसमें यह आंका जाता है कि किसी देश के नागरिकों को कितने देशों में पूर्व वीज़ा के बिना यात्रा करने की अनुमति है।

