जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर चीन के तियानजिन में एक द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात की खास बात यह रही कि दोनों नेता एक ही कार में बैठकर बैठक स्थल तक पहुंचे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं और चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को लेकर ‘X’ पर लिखा, “एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यवाही के बाद राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल के लिए एक साथ यात्रा पर निकले। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।”
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस रणनीतिक संबंधों, यूक्रेन संघर्ष, और वैश्विक मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के साथ बहुआयामी संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा “आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। एससीओ वैश्विक दक्षिण और पूर्व के देशों को एकजुट करने का मंच प्रदान करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि 21 दिसंबर, 2025 को भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ होगी। इस मौके पर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत दौरे से पहले अहम मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब रूसी राष्ट्रपति आगामी महीनों में भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देने और भविष्य की साझेदारियों की रूपरेखा तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वैश्विक मंच पर मजबूत साझेदारी
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग रहा है। यूक्रेन संकट के दौरान भारत की तटस्थ भूमिका और रूस के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की नीति को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संतुलनकारी दृष्टिकोण माना गया है।

