Thursday, March 26, 2026
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GST: 22 सितंबर से लागू होंगे नए GST स्लैब, वित्त मंत्री सीतारमण ने बोलीं–आम जनता को होगी दो लाख करोड़ की बचत…

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: देशभर में 22 सितंबर से लागू होने वाले नए GST सुधारों को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इसी बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नए GST स्लैब से देश की जनता को करीब दो लाख करोड़ रुपये की बचत होगी, जिससे घरेलू खर्च और खपत में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

अब केवल दो स्लैब में होगी GST वसूली

तमिलनाडु फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के 80वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए सीतारमण ने बताया कि पहले जहां चार GST स्लैब हुआ करते थे, अब उन्हें घटाकर दो स्लैब कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि इससे गरीब, मध्यम वर्गीय परिवार और छोटे-मध्यम उद्योगों (MSME) को सीधा लाभ पहुंचे।

कीमतों में कमी और खपत में वृद्धि का दावा

वित्त मंत्री ने कहा कि इस सुधार के चलते सामान की कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर कोई उपभोक्ता साबुन की बड़ी मात्रा में खरीदारी करता है, तो निर्माता उसका उत्पादन बढ़ाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बनेंगे और सरकार को भी अधिक टैक्स प्राप्त होगा। यह सकारात्मक आर्थिक चक्र है।”

GST लागू होने के बाद टैक्सदाताओं की संख्या में दोगुनी बढ़ोतरी

सीतारमण ने यह भी बताया कि GST लागू होने से पहले टैक्स देने वाले उद्यमियों की संख्या 65 लाख थी, जो अब बढ़कर 1.5 करोड़ हो चुकी है। इससे देश का टैक्स बेस व्यापक हुआ है और राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आई है।

कांग्रेस के ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बयान पर पलटवार

कार्यक्रम के दौरान सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने GST को “गब्बर सिंह टैक्स” करार दिया था। वित्त मंत्री ने कहा, “ऐसा कहना पूरी तरह गलत है। पिछले आठ वर्षों में सरकार ने किसी भी उत्पाद पर अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया है। उल्टे अब दरों में कटौती हो रही है, जो पूरी तरह से जनहित में है।”

GST सुधारों से मिलेगा आर्थिक मजबूती को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि GST सुधारों से न केवल आम जनता को सीधी राहत मिलेगी, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से गरीब, मध्यम वर्ग और MSME क्षेत्र को इसका सबसे बड़ा लाभ होगा।

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