Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

गाइड बन कर सकते हैं मोटी कमाई

सुरेंद्र सोढी

करियर बनाने के लिए जरूरी नहीं कि कोई बड़ा कोर्स या फिर डिग्री ली जाए। अगर आपके पास हुनर है तो आप किसी भी फील्ड में अपना शानदार करियर बना सकते हैं। आपने कई टूरिस्ट गाइडों को देखा होगा, जो सिर्फ अपने तजुर्बे और इतिहास का ज्ञान रखकर हजारों टूरिस्ट्स को घुमाते हैं और काफी अच्छा पैसा भी कमा लेते हैं। एक गाइड बनने के लिए जरूरी नहीं है कि आपके पास कोई डिग्री हो। कुछ महीनों के डिप्लोमा के साथ इसके लिए बस आपको अपने आस-पास के शहरों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। हम आपको यहां बता रहे हैं कि गाइड बनकर कैसे आप अपने करियर को एक नया मोड़ दे सकते हैं और घूमते फिरते कमाई कर सकते हैं।

संस्कृति और इतिहास का ज्ञान

एक गाइड बनने से पहले यह जरूर सोच लें कि क्या आपको अपने शहर की संस्कृति या फिर उसके इतिहास का पूरा ज्ञान है। अगर ऐसा नहीं है तो आप एक अच्छे गाइड नहीं बन सकते हैं। कोई भी टूरिस्ट आपसे कुछ भी प्रश्न कर सकता है और गलत उत्तर से आप उनका भरोसा खो देंगे। इसीलिए इतिहास की हर छोटी और रोमांचक जानकारियां अपने पास रखें।

हाजिर जवाब होना भी जरूरी

किसी भी गाइड को हाजिर जवाब होना जरूरी होता है। इससे पता चलता है कि आप कितने अनुभवी हैं और आपको चीजों की कितनी समझ है। बातों को रोमांचक तरीके से लोगों को बताना एक कला है, जो एक गाइड के तौर पर सीखना बहुत जरूरी है। आपके साथ मौजूद टूरिस्ट्स को जानकारी के साथ-साथ आपकी बातों से मजा भी आना चाहिए।

लोगों की जेब का रखें खयाल

अगर आप एक गाइड हैं तो आपको लोगों की यानि जिन्हें आप घुमा रहें हैं उनकी जेब का खयाल रखना जरूरी है। ऐसे में लोगों को किसी रीजनेबल होटल, रेस्तरां आदि में खाना खिलाना, किसी अच्छे होटल में ठहराना और टैक्सी आदि की सुविधा मुहैया करवाने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

अगर आप ट्रेवल और टूरिज्म में अपना करियर बनाने की सोच चुके हो तो आपको ट्रेवल और टूरिज्म शैक्षित योग्यता पर भी एक नजर जरूर डालनी चाहिए। आप इस ट्रेवल और टूरिज्म कोर्स को 12वीं या ग्रेजुएशन कर सकते हो। अगर आपको इस क्षेत्र में 12वीं कक्षा के बाद प्रवेश करना है तो आप ट्रेवल और टूरिज्म फिल्ड में तीन साल की डिग्री के लिए आवेदन कर सकते हो। जैसे बीए, बीबीए, बीएचटीएम, बीएससी आदि कर सकते है। वहीं हम ग्रेजुएशन करने के बाद टूरिज्म में एमए, एमबीए, आदि के प्रोग्राम कर सकते हो। आपको बता दें कि बहुत से संस्थान ने इस फिल्ड में 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स और 1 साल का पीजी डिप्लोमा भी करवाना शुरू कर दिया है।

कौन-से कोर्स कर सकते हैं

ङ्मइंटीग्रेटेड डिप्लोमा इन ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट।

ङ्मसर्टिफिकेट कोर्स आन एयरलाइंस टिकटिंग एंड टूर प्लानिंग

ङ्मबैचलर आफ टूरिज्म स्टडीज

ङ्मफाउंडेशन एंड कंसल्टेंट कोर्स इन टूरिज्म लैंग्वेज

ङ्मट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट कोर्स

ङ्मइंटिग्रेटेड कोर्स इन टूरिज्म

ङ्मबैचलर इन टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन

ङ्मडिप्लोमा इन टूरिज्म मैनेजमेंट

ङ्मडिप्लोमा इन टूरिज्म एंड डेस्टिनेशन

ङ्ममास्टर इन टूरिज्म

ङ्मपीजी डिप्लोमा इन ट्रैवल मैनेजमेंट

कोर्स के लिए बेहतरीन संस्थान

ङ्मइंडियन इंस्टिट्यूट आफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट, नई दिल्ली

ङ्मदिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली

ङ्मगार्डन सिटी कॉलेज, बैंगलुरू

ङ्मइंस्टिट्यूट आफ लॉजिस्टिक्स एंड एविएशन मैनेजमेंट, मुंबई

ङ्मएकेडमी आफ बिजनेस मैनेजमेंट, टूरिज्म एंड रिसर्च, बैंगलुरू

ङ्मबुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी

ङ्मलखनऊ यूनिवर्सिटी, यूपी

ङ्मआंध्र यूनिवर्सिटी, विशाखापट्टनम

कोर्स के लिए फीस

ट्रेवल और टूरिज्म कोर्स के लिए उम्मीदवारों से डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए सालाना लगभग फीस 10 से 25 हजार रुपए तक होती है। सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स के लिए और कम फीस होती है।

कहां मिलेंगे जॉब के मौके

पर्यटन विभाग: इससे संबंधित कोर्स करने के बाद उम्मीदवार को पर्यटन विभाग में नौकरी मिल सकती है। आप पर्यटन विभाग में रिजर्वेशन एंड काउंटर स्टाफ, सेल्स एंड मार्केटिंग स्टाफ, टूर प्लानर्स, टूर गाइड की नौकरी कर
सकते हैं।

एयरलाइंस: एयरलाइंस की सबसे अच्छी नौकरी मानी जाती है। यह क्षेत्र ट्रेवल और टूरिज्म का सबसे खास हिस्सा मना जाता है। इस एयरलाइंस में आप एयर होस्टेस, ग्राउंड सपोर्ट एंड एयरपोर्ट मैनेजमेंट, एयरलाइन ग्राउंड आपरेशन, एयरलाइन टिकिटिंग, होटल मैनेजमेंट या टूरिज्म जैसे कोर्स करके यहां ग्राउंड स्टाफ या इन-फ्लाइट एसोसिएट, ट्रैफिक असिस्टेंट, रिजर्वेशन एंड काउंटर स्टाफ, क्लाइंट सर्विसिंग में करियर बना सकते हैं।

ट्रेवॅल एजेंसीज: इस फिल्ड में उम्मीदवार ट्रेवल एजेंट्स का काम कर सकते हैं। ट्रेवल एजेंसीज की बहुत लोकप्रियता बहुत बढ़ चुकी है। उम्मीदवार के पास कस्टमर के साथ बेहतर डील करने वालों के लिए यह बेहतरीन जॉब है।

होटल क्षेत्र : अगर हम ट्रेवल और टूरिज्म की बात करें और होटल की बात ना करें तो बेकार है। जैसे होटलों की संख्या पढ़ रहीं है वैसे ही इस क्षेत्र में रोजगार की बढ़ोतरी हो रही है।

टाइम शेयर कंपनीज : संसार में ऐसी बहुत ही कंपनियां है जो हॉलिडे रिसॉर्ट को मैनेज करने का काम करवाती है। आप उन कंपनियों के साथ बिजनेस टाई-अप का काम कर सकते हो। इन कंपनियों को काफी उम्मीदवारों की जरूरत होती है।

कितना कमा सकते हैं?

उम्मीदवार को शुरुआती सैलरी 15 से 20 हजार प्रति महीना होती है। लेकिन धीरे-धीरे अनुभव होने के बाद उम्मीदवारों की सैलरी 40 हजार से लेकर 1 लाख रुपए प्रति महीना हो जाती है। इससे पता चलता है कि इस क्षेत्र में रोजगार की संभावना बहुत अधिक हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

बच्चों में जिम्मेदारी और उनकी दिनचर्या

डॉ विजय गर्ग विकर्षणों और अवसरों से भरी तेजी से...

झूठ का दोहराव सच का आगाज

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारा बारबर द्वारा किए...

लोकतंत्र का आईना या मीडिया का मुखौटा

जब आंकड़ों की चकाचौंध सच का मुखौटा पहनने लगे,...

वेतन के लिए ही नहीं लड़ता मजदूर

मजदूर दिवस पर श्रमिक आंदोलनों की चर्चा अक्सर फैक्टरी...
spot_imgspot_img