नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। बॉलीवुड अभिनेता और फिल्ममेकर फरहान अख्तर की मां हनी ईरानी के साथ हाल ही में 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह घटना काफी चौंकाने वाली है क्योंकि धोखाधड़ी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि उनके अपने ड्राइवर नरेश सिंह और पेट्रोल पंप कर्मचारी अरुण सिंह ने मिलकर की। चलिए जानते है पूरा मामला क्या है।
कार्ड का उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पुलिस ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा है, ‘हनी ईरानी की मैनेजर दिया भाटिया ने 1 अक्टूबर को बांद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि ड्राइवर नरेश लंबे समय से फरहान अख्तर के नाम पर जारी कार्ड का गलत इस्तेमाल कर रहा था। यह कार्ड ईंधन भरवाने के लिए जारी किया गया था, लेकिन नरेश ने इसका उपयोग धोखाधड़ी के लिए किया।’
धोखाधड़ी की पोल कैसे खुली
दरअसल, जांच के दौरान हनी ईरानी की टीम को संदेह तब हुआ जब उन्हें कुछ पेट्रोल बिलों में गड़बड़ी दिखाई दी। रिपोर्ट के अनुसार, ड्राइवर ने जिस गाड़ी में पेट्रोल भरवाने का दावा किया था, उसकी क्षमता 35 लीटर थी, जबकि बिलों में 62 लीटर पेट्रोल का भुगतान दिखाया गया। इतना ही नहीं, जिन वाहनों को हनी ईरानी परिवार ने सात साल पहले बेच दिया था, उन पर भी पेट्रोल डलवाने के रिकॉर्ड मौजूद थे।
जब मैनेजर दिया भाटिया ने ड्राइवर नरेश से पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद मामले की गहराई से जांच हुई, जिसमें यह खुलासा हुआ कि नरेश सिंह ने फरहान अख्तर के नाम पर जारी तीन अलग-अलग कार्डों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया।
यह पूरा रैकेट कैसे चलता था?
बता दें कि, पुलिस जांच में सामने आया कि नरेश सिंह नियमित रूप से बांद्रा झील के पास एस वी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर कार्ड स्वाइप करता था। वहां मौजूद कर्मचारी अरुण सिंह कार्ड स्वाइप करने के बाद ईंधन दिए बिना नकद रकम लौटा देता था। दोनों इस रकम को आपस में बांट लेते थे- हर ट्रांजैक्शन से नरेश को करीब 1,000 से 1,500 रुपये मिलते थे। आरोपी नरेश ने पुलिस के सामने यह स्वीकार किया है कि उसने 2022 में फरहान अख्तर के पूर्व ड्राइवर से ये कार्ड हासिल किए थे और तभी से वह इस गड़बड़ी को अंजाम दे रहा था।
पुलिस कार्रवाई और मामला दर्ज
मुंबई पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने ड्राइवर नरेश सिंह और पेट्रोल पंप कर्मचारी अरुण सिंह दोनों को इस धोखाधड़ी का आरोपी माना है।
फरहान अख्तर की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक फरहान अख्तर या उनके परिवार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि फरहान की टीम इस मामले में कानूनी कार्रवाई को लेकर सक्रिय है और जांच में पुलिस को पूरा सहयोग दे रही है।

