जनवाणी संवाददाता |
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर ज़हरीली होती जा रही है। रविवार सुबह प्रदूषण स्तर में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, एम्स और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 421 दर्ज किया गया, जो “गंभीर श्रेणी” में आता है। जानकारी के मुताबिक, यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। ऐसे में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में जलन और आंखों में चुभन जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने हवा की क्वालिटी ‘खराब’ रेंज में रिकॉर्ड की, जबकि कुछ इलाकों में ‘बहुत खराब’ श्रेणी दर्ज की गई। सुबह आठ बजे आनंद विहार (298), अलीपुर (258), अशोक विहार (404), चांदनी चौक (414), द्वारका सेक्टर-8 (407), आईटीओ (312), मंदिर मार्ग (367), ओखला फेज़-2 (382), पटपड़गंज (378), पंजाबी बाग (403), आरके पुरम (421), लोधी रोड (364), रोहिणी (415), और सिरीफोर्ट (403) एक्यूआई दर्ज किया गया। इनमें से ज़्यादातर रीडिंग ने शहर को ‘गंभीर’ या ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में रखा।
बढ़ा वायू प्रदूषण का खतरा
दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की दस्तक के साथ ही वायु प्रदूषण का साया फिर गहरा गया है। ऐसे में रविवार को हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। ऐसे में दिनभर आसमान में हल्की स्मॉग की चादर देखने को मिलेगी। इस दौरान वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) 421 दर्ज की गई।
सांस के मरीजों को करना पड़ेगा परेशानी का सामना
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 8 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 2500 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 15000 मीटर प्रति वर्ग सेकेंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 257.6 और पीएम2.5 144.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। ऐसे में आनंद विहार, अशोक विहार, पटपड़गंज, रोहिणी, पंजाबी बाग, शादीपुर समेत अन्य इलाकों में 300 से अधिक सूचकांक दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है।

