डॉ.इति तिवारी
नये दौर की हीरोइन अपने फिल्मी परिधान में साड़ी को न के बराबर सेलेक्ट करती है। दूसरी ओर सांसद हेमा हो या कंगना जैसी कई तारिकाएं है, जिन्हें किसी इवेंट या रैंप पर साड़ी पहनकर आना अच्छा लगता है। कंगना कहती है, ‘कभी मैने अपनी शुरुआती फिल्मों गैंगस्टर, क्वीन आदि में बहुत पारंपरिक साड़ी पहनी थी। मुझे लगता है साड़ी मेरे लुक के साथ मेल खाता है।’ आइए इस संदर्भ में उन कुछ तारिकाओं की चर्चा करें, जो कई मौकों पर साड़ी में दिखाई पड़ जाती हैं-
अभिनेत्री श्रद्धा कपूर पर भी साड़ी बहुत अच्छी लगती है। मगर फिल्मों में वह न के बराबर इस ड्रेस म दिखाई पड़ती हैं। उनके हेयर ड्रेसर और ब्यूटी विशेषज्ञ का भी कहना है कि उनके सेक्सी लुक के साथ यह बहुत मेल खाता है। वह बताती हैं, ‘साड़ी पहनने पर मेरा मराठी कन्या का लुक खिलकर सामने आ जाता है। पर मराठी महिलाओं के साड़ी पहनने का अंदाज बिल्कुल जुदा होता है। जबकि फिल्मों में साड़ी को बेहद ग्लैमर्स ढंग से पहना जाता है।’
संस्कृत भाषा में साड़ी शब्द का अर्थ एक टुकडा कपड़ा होता है। नये दौर की तारिकाओं में जाह्नवी कपूर ने भी इस एक टुकडेÞ कपडेÞ के साथ अपना अच्छा रिश्ता जोड़ लिया है। अपनी फिल्मों में वह अक्सर साड़ी में नजर आती रहती हैं। यही नहीं, ज्वैलरी कंपनी के एक विज्ञापन में उन्होंने मणीष मल्होत्रा के डिजाइन की गई स्वर्ण जडित साड़ी में नजर आकर सबको चौंका दिया था। साफ है कि जिन्स, गाउन के इस दौर में उनके मन के किसी कोने में इस बारह हाथ के कपड़े ने अपनी जगह बना ली है।
केसरी-2 में बेहद भाव प्रवण अभिनय कर चुकीं अनन्या को लाल और काला रंग काफी पसंद है। लिहाजा अब तक वह पांच बार लाल और काले रंग की साड़ी अपनी फिल्मों में पहन चुकी हैं। अनन्या बताती हैं, ‘साड़ी मेरा पसंदीदा परिधान है। और इसे पहनकर चलने फिरने में मुझे कोई दिक्कत नहीं होती है। खास तौर से लाल रंग मुझे बूस्ट कर देता है। इसलिए मैं लाल रंग की साड़ी में आना बहुत पसंद करती हूं। नक्काशी वाली साड़ी मुझे बहुत पसंद है।’
नये दौर की वरिष्ठ अभिनेत्री कृति सैनन कई फिल्मों में साड़ी में झूमती हुई दिखाई पड़ी हैं। साड़ी के चयन के मामले में वह भी दूसरी अन्य नायिकाओं की तरह मणीष मल्होत्रा, नीता लुल्ला, सब्यसाक्षी, रॉकी एस जैसे दिग्गज के डिजाइन को ही पसंद करती हैं। शौकिया तौर पर कांजीवरम और ढाकाई साड़ी भी उन्हें खूब भाती है।
कभी भारतीय संस्कृति से दूर कैटरीना का साड़ी प्रेम उनके कई फैन को बहुत चौंकाता था। अब तो विवाह के बाद से उनमें एक बड़ा बदलाव यह आया है कि आज कई मौकों पर इस परिधान में वह दिखाई पड़ती हैं। आफ स्क्रीन से हटकर देखें, तो पहली बार आॅन स्क्रीन उन्होंने फिल्म राजनीति में साड़ी को बहुत अच्छी तरह से संभाला था। इसके बाद अपनी आखिरी रिलीज फिल्म भारत सहित कई फिल्मों में उन्होंने इस परिधान को बहुत अच्छी तरह से कैरी किया। सिल्क से ज्यादा जार्जेट या शिफॉन साड़ी के उपर हेवी सिकूइन कढ़ाई किया हुआ डिजाइन कैटरीना को बहुत पसंद है।
आज अभिनेत्री विद्या बालन भले ही कम फिल्में कर रही हों, पर कभी वह साड़ी सुंदरी के तौर प्रतिष्ठित थीं। अपने कैरियर के शुरुआती दौर में सब्यसाक्षी से उनका पहला परिचय हुआ था। इसके बाद से सब्यो के अलावा ओर किसी की साड़ी उनके मन को नहीं लुभाती है। वैसे कभी वह इवेंट या समारोह में कौन सी साड़ी पहनेगी, यह भी वह सब्यसाक्षी से सलाह मशवरा कर तय करती थीं।
इंडस्ट्री की एक साड़ी रुपसी के तौर पर रानी मुखर्जी भी काफी लोकप्रिय हैं। डिजाइनर साड़ी के अलावा प्राय: हर प्रदेश की साड़ी उनके वार्डरोब में है। वैसे डिजाइनर साड़ी के लिए अक्सर डिजाइनर सब्यसाक्षी के स्टोर में पहुंच जाती है। ब्लैक फिल्म करने के दौरान सब्यसाक्षी से उनका पहला परिचय हुआ था। चांदबाली हेयररिंग्स, माथे पर छोटी-सी बिंदी, स्मोकी आइज और पेल लिप्स आज भी साड़ी में उनका यह मेकअंप होता है।
साड़ी को कैरी करने में करीना भी काफी आगे रही हैं। अमूमन वह फिल्मों में हरा ,गुलाबी और लाल रंग की शिफॉन या जार्जेट साड़ी पहनना पसंद करती हैं। साड़ी के साथ एकदम मेल खाती ज्वेलरी पहनना और हेयर स्टाइल बदलना करीना से अच्छा कोई नहीं जानता।

