Tuesday, April 21, 2026
- Advertisement -

IndiGo: इंडिगो की समस्याओं ने यात्रियों को किया परेशान, नौवें दिन भी हाल बेहाल

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस समय अपने इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। रोजाना लगभग 2,300 फ्लाइट्स संचालित करने वाली और घरेलू एविएशन मार्केट में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इस एयरलाइन का मार्केट कैप मौजूदा संकट के बाद लगभग 21,000 करोड़ रुपये तक गिर चुका है। इसके बावजूद, संकट के नौवें दिन भी यात्रियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विशेष रूप से दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की फ्लाइट्स में लगातार कैंसिलेशन और देरी के चलते यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिली तस्वीरों में दिखाई देता है कि बड़ी संख्या में यात्री घंटों से फंसे हुए हैं। कई उड़ानें अचानक रद्द होने या लंबे समय तक विलंब से चलने के कारण लोग एयरपोर्ट पर ही बैठकर इंतजार करने को मजबूर हैं। कुछ यात्रियों ने खाने–पीने और जानकारी न मिलने की शिकायत भी की है।

अहमदाबाद का हाल कैसा है?

दिल्ली के बाद बात अगर अहमदाबाद की करें तो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हालात लगभग वही हैं। इंडिगो की कई उड़ानें बाधित होने के चलते यात्रियों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। लोग एयरलाइन से लगातार अपडेट मांग रहे हैं, लेकिन स्पष्ट जानकारी न मिलने से असंतोष बढ़ रहा है।

यात्रियों को करना पड़ रहा घंटों का इंतजार

वहीं मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी यात्री फ्लाइट डिसरप्शन से परेशान हैं। कई परिवार और ऑफिस यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ यात्रियों का कहना है कि टिकट बदलने और रिफंड में भी दिक्कतें आ रही हैं।

यात्रियों की बढ़ती परेशानियां

बता दें कि, इंडिगो की तरफ से लगातार कैंसिलेशन और देरी की वजह से यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी परेशानियां साझा कर रहे हैं। कई यात्रियों ने एयरलाइन से पारदर्शी जानकारी और बेहतर व्यवस्था की मांग की है। कुल मिलाकर, इंडिगो विवाद और उड़ानों की अनियमितता से तीनों प्रमुख एयरपोर्ट पर अराजकता जैसे हालात बने हुए हैं और यात्रियों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

अगली पीढ़ी के एआई का खाका

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ध्वनि...

12वीं के बाद खुलेंगे कॅरियर के द्वार

डॉ विजय गर्ग भारत में छात्र अक्सर 12वीं कक्षा पूरी...

विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खुश क्यों है?

पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन...

सड़कें न बनें मौत के रास्ते

सड़कें जीवन को जोड़ने के लिए बनाई जाती हैं,...
spot_imgspot_img