जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने आज शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस” ने लंबे समय तक केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद दलितों के मसीहा और भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता भाम रॉव अंबेडकर का उचित सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित नहीं किया, ऐसे में यह पार्टी अब कांशी राम को इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से कैसे सम्मानित कर सकती है।
क्या बोलीं मायावती?
मायावती ने कहा कि जब कांशीराम का निधन हुआ था, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया।
बसपा प्रमुख ने कहा कि कई संगठन और पार्टियां दलित समाज के नाम पर काम करने का दावा करते हुए कांशीराम के नाम का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न दल मिलकर कांशीराम द्वारा स्थापित बहुजन समाज पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने बसपा के अनुयायियों और समर्थकों से अपील की कि वे इन प्रयासों से सतर्क रहें, खासकर कांग्रेस पार्टी से, जिसकी सोच और मानसिकता को उन्होंने “दलित-विरोधी” बताया। मायावती ने कहा कि इसी कारण कांशीराम को बसपा का गठन करना पड़ा था।
मायावती ने आगे कहा कि 15 मार्च 2026 को कांशीराम की जयंती के अवसर पर बसपा द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सफल बनाया जाए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।



