जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: रात का अंधेरा, सड़क पर बिखरे शव और खून से लथपथ जिंदगियां पूरे मध्य प्रदेश और देश को झकझोर देने वाली घटना बन गई। 50 मजदूरों से भरे पिकअप वाहन की स्कॉर्पियो से भिड़ंत में 16 लोगों की मौत हो गई और 10 गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज इंदौर में चल रहा है।
हादसा कहां और कब हुआ?
यह भीषण हादसा चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रात 8:30 बजे हुआ। मजदूरों से भरा पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में क्षमता से अधिक मजदूर सवार थे, जिससे टक्कर और भी गंभीर हुई।
हाईवे पर मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह तक मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। 15 लोग घायल हुए, जिनमें से 10 को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया।
पिकअप वाहन धार से अमझेरा की ओर जा रहा था। ओवरलोड वाहन डिवाइडर से टकराया और पलटकर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई श्रमिक वाहन के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायलों को तुरंत निकाला।
जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की चुनौती
इतनी बड़ी संख्या में घायलों के एक साथ आने से जिला अस्पताल में जगह कम पड़ गई। घायलों को जमीन पर लिटाकर प्राथमिक इलाज दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर सभी घायलों का उपचार शुरू किया।
हादसे के कारण: ओवरलोडिंग और असावधानी
पिकअप में ठूंस-ठूंसकर श्रमिक सवार थे। चालक तेज आवाज में गाना सुनते हुए वाहन चला रहा था और वाहन लहराता हुआ चला। श्रमिक खेतों से लौट रहे थे। केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, इंदौर संभागायुक्त सुदामा खाड़े और आईजी अनुराग मौके पर पहुंचे।
प्रधानमंत्री और राज्य सरकार ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा।

