जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के उभरते हुए धावक गुरिंदरवीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया है। रांची में आयोजित 2026 एथलेटिक्स फेडरेशन कप में गुरिंदरवीर ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतते हुए 10.09 सेकंड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही वह 100 मीटर रेस में 10.10 सेकंड से कम समय निकालने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद पूरे देश में खुशी की लहर है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी बधाई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर गुरिंदरवीर सिंह को बधाई देते हुए इसे पंजाब के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “हमारे होनहार खिलाड़ी गुरिंदरवीर सिंह को रांची में फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई। हमारे बहादुर नौजवान ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। गुरिंदरवीर इतने कम समय में रेस पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब के बेटे ने लगातार दो दिनों में दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: Athlete Gurindervir Singh clinched a gold medal in the men’s 100m event at the 2026 Athletics Federation Cup, with a new national record timing of 10.09 seconds.
On athlete Animesh Kujur, he says, “As a competitor, he is very strong, and he is a… pic.twitter.com/DCuued2wjR
— ANI (@ANI) May 24, 2026
परिवार को बेटे पर गर्व
गुरिंदरवीर की मां रूपिंदर कौर ने बेटे की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि परिवार को उस पर बेहद गर्व है। उन्होंने कहा, “रिश्तेदार लगातार फोन करके बधाई दे रहे हैं। बचपन से ही वह बहुत खुशमिजाज था। उसके कोचों ने भी काफी मेहनत की। उसके पिता का सपना था कि वह एथलीट बने।”
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि माता-पिता की बात सुनें, पढ़ाई और खेल दोनों पर ध्यान दें और नशे से दूर रहें। वहीं, उनके पिता कमलजीत सिंह ने कहा कि गुरिंदरवीर पिछले 12 सालों से लगातार मेहनत कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह खुद वॉलीबॉल खिलाड़ी रहे हैं और चाहते थे कि उनका बेटा खेलों में नाम कमाए।
कोच ने बताया मेहनत का सफर
गुरिंदरवीर के कोच सरबजीत सिंह ने कहा कि खिलाड़ी ने पिछले 10 वर्षों तक कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा, “जैसे ही उसने सेमीफाइनल में अनीमेष का रिकॉर्ड तोड़ा, उसका आत्मविश्वास और बढ़ गया। उसने ऐतिहासिक रेस दौड़कर पंजाब का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया।”
मानसिक मजबूती बनी सफलता की कुंजी
गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच और सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा, “यह शानदार एहसास है। मैं आगे भी कड़ी ट्रेनिंग करके बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। आखिरी समय में खेल शारीरिक से ज्यादा मानसिक मजबूती का होता है और मैं खुद को मानसिक रूप से मजबूत रख पाया।” उन्होंने रिलायंस फाउंडेशन, डाइटिशियन और सपोर्ट स्टाफ का भी आभार जताया।
अब कॉमनवेल्थ गेम्स पर नजर
गुरिंदरवीर सिंह ने कहा कि अब उनका पूरा फोकस ट्रेनिंग पर रहेगा और वह भविष्य में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने साथी धावकों अनीमेष कुजूर और मणिकांत का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों को और बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती है।

