- कैंट बोर्ड कर्मचारियों ने बोर्ड सदस्यों पर लगाया आरोप
- कहा, बोर्ड की ओर से नहीं दिया जा रहा वेतन और अन्य भत्ते
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड कर्मचारियों ने बोर्ड सदस्यों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने उनकी मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने कहा कि बोर्ड सदस्य कर्मचारियों की अनदेखी कर रहे हैं।
कैंट बोर्ड की ओर से लगातार बोर्ड कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है।
उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके उलट कर्मचारियों का विरोध किया जा रहा है। जिसका नजारा साफ बीती बोर्ड बैठक में देखने को मिला। छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन के महामंत्री दुर्गा दास कन्नोजिया ने आरोप लगाया कि बीती बोर्ड बैठक में बोर्ड सदस्यों की ओर से उनके हितो को ध्यान में नहीं रखा गया है। उनका आरोप है कि बोर्ड के कुछ सदस्यों ने कर्मचारियों का विरोध करते हुए हंगामा किया और टोल वसूली का विरोध किया। कर्मचारियों का कहना है कि टोल वसूली रोके जाने से बोर्ड का रेवन्यू कम होगा जिसका सीधा-सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ेगा।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के राजू पेंटर ने कहा कि इससे पूर्व से ही कर्मचारियों को वेतन सही समय पर नहीं मिल रहा है और न ही उनके भत्ते दिये जा रहे हैं। जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने इसे लेकर सोमवार को कैंट बोर्ड कार्यालय में प्रदर्शन किया और काली पट्टी बांधकर कार्य किया। अध्यक्ष भारत सिंह आजाद ने कहा कि अगर बोर्ड सदस्यों ने जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारी हड़ताल करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी बोर्ड सदस्यों की होगी। इस दौरान कैंट जनरल अस्पताल, सीएबी इंटर कालेज, प्राईमरी स्कूल आदि से राजीव श्रीवास्तव, राजेश, बीके त्यागी, विक्रांत शर्मा, संजीव कुमार, देवेन्द्र, सोहनपाल, ओमवीर आदि मौजूद रहे।

