- न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता के बाद 15 दिन के लिये आंदोलन स्थगित
- तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन आंदोलन को टालन की बात कर रहा था
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को देखते हुए बार एसोसिएशन और प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद तय किया गया कि अधिवक्ता ओमकार तोमर आत्महत्या मामले में नामजद हस्तिनापुर विधायक समेत 14 लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा। वकीलों का आंदोलन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। तीन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वकीलों से आंदोलन को टालने की मांग कर रहे थे।
अधिवक्ता ओमकार तोमर आत्महत्या मामले में उनके सुसाइड नोट के आधार पर 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक का नाम भी शामिल है। आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दोनों बार के पदाधिकारी और सदस्य अधिवक्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से आंदोलन और हड़ताल की जा रही थी।
न्यायालय में न्यायिक कार्य के बहिष्कार के साथ-साथ अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालयों में भी काम बंद करा रखा था। लगभग 15 दिन से कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने क्रमिक अनशन किया जा रहा था। मेरठ आए प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने भी अधिवक्ताओं ने अपनी मांग को लेकर हंगामा किया था।
मंत्री के आदेश के बाद ही इस मामले में गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ और शुक्रवार तक कुल तीन गिरफ्तारी की जा चुकी है। न्यायालय में काम न हो पाने और रजिस्ट्री बंद होने से राजस्व की हानि को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से हड़ताल को खत्म करने की अपील की थी।
शुक्रवार को मेरठ बार के पंडित नानक चंद सभागार में पूर्व पदाधिकारियों समेत लगभग 40 वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बैठक में आंदोलन को लेकर चर्चा की गई। मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर त्यागी और महामंत्री सचिन चौधरी ने बताया कि बैठक में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और अधिकारियों की अपील के मद्देनजर आंदोलन को 15 दिन के लिए स्थगित किया गया है।
सोमवार से न्यायालय और रजिस्ट्री के सभी कार्य विधिवत शुरू हो जाएंगे। पुलिस यदि कार्रवाई में लापरवाही करती है तो आंदोलन को फिर से शुरू कर दिया जाएगा। इसे लेकर बार पदाधिकारियों द्वारा जिला जज और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक बैठक भी दोपहर बाद की जाएगी।
वहीं बार एसोसिएशन इस बात पर पहले अड़ा हुआ था कि जब तक विधायक दिनेश खटीक की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इस पूरे मामले में छह मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रशासन और बार एसोसिएशन गंभीर था।
वकीलों के आंदोलन के कारण अगर लोक अदालत नहीं लगी तो सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी को लेकर न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी गंभीर थे। डीएम, एसएसपी और जिला जज के बीच वार्ताओं के बाद आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
लोक अदालत का आयोजन आज
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ के सचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के द्वारा जारी पत्र के अनुक्रम एवम वरिष्ठ न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय, कार्यपालक अध्यक्ष के निर्देशानुसार आज वृहद लोक अदालत का आयोजन होगा। जिसमें सभी तरह के वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जाएगा।

