- एसडीएम पद पर चयनित होने वाली नीतू सिंह से खास बातचीत
विशाल भटनागर |
मेरठ: जीवन में कभी भी अगर हमें असफलता मिले तो उसे घबराकर हार नहीं मानी चाहिए, बल्कि असफलता से सीख लेते हुए जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। क्योंकि जो लोग असफलता से हार मान जाते हैं, वह आग नहीं बढ़ पाते और जो लोग अससफलता के पश्चात भी अपनी मंजिल को पाना नहीं छोड़ते, वही लोग मुकाम पाते हैं।
यह बात जनवाणी टीम से शुक्रवार को खास बातचीत करते हुए पीसीएस परीक्षा 2019 में सफलता अर्जित कर एसडीएम पद पर चयनित होने वाली नीतू सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि समाज को बेटियों को आगे बढ़ने देना चाहिए। जब बेटियां किसी मुकाम को हासिल करती है, तो वह समाज के लिए एक उदाहरण बनती हैं।
क्योंकि जब एक बेटी किसी लक्ष्य को हासिल करती है तो अन्य बेटियां भी उसी राह पर चलते हुए उसी तरह से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम करती है। जिसके बाद समाज में नए उदाहरण बनते चले जाते हैं।
लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी करें युवा
जीवन में कोई भी मुकाम हासिल करना हो, उसके लिए पहले से लक्ष्य निर्धारित कर रणनीति के साथ कार्य करना चाहिए। क्योंकि रणनीति के साथ किए गए कार्य में हमेशा सफलता मिलती है। साथ ही युवा अध्ययन करते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि हम जिस विषय को पढ़ रहे हैं जब तक हमे वह विषय अच्छे से समझ ना आएं आगे की अध्ययन प्रक्रिया को शुरु नहीं करना चाहिए।
वहीं जो युवा निराशा को अपने जीवन में कभी भी जगह ना बनाने दें। जीवन में हमेशा आशा की किरण के साथ ही आगे बढ़ते रहना चाहिए। क्योंकि बिना कठिन परिक्षम करें सफलता नहीं मिलती। ऐसे में अपनी मंजिल को पाने के लिए अपने लक्ष्य पर फोकस करते रहे।
बता दें कि मूल रुप से जिला बुलंदशहर निवासी नीतू सिंह ने मेरठ में रहकर ही अपनी शिक्षा अर्जित की है और दिल्ली से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। वहीं दस दिन पूर्व आएं वर्ष 2019 पीसीएस परीक्षा परिणाम में उन्हे सफलता मिली हैं। और उनका चयन एसडीएम के पद पर हुआ हैं। नीतू सिंह के परिवार वालों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने देना चाहिए।

