- मंदिरों में नहीं होंगी भजन संध्या, ज्यादातर घरों में ही होगा माता रानी का पूजन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चैत्र नवरात्रों का शुभारंभ मंगलवार से होने जा रहा है। जिसको लेकर शहर भर में माता रानी के मंदिर सज गए हैं। वहीं, शासन द्वारा भी संक्रमण काल के कारण धार्मिक स्थलों में एक समय में पांच से ज्यादा श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। ऐसे में ज्यादातर लोगों ने घरों में रहकर ही माता रानी का पूजन करने की तैयारियां कर ली हैं।
हिंदू नववर्ष व चैत्र नवरात्रों में मां भगवती का स्वागत करने के लिए लोगों ने तैयारियां कर ली है। नवरात्र के एक दिन पहले भी बाजारों में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। जिसमें मां के शृंगार की सामग्री भी जमकर बिक्री हुई। लेकिन कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के चलते मंदिरों को विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शासन द्वारा भी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सभी धार्मिक स्थलों में एक समय में पांच से अधिक लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में मंदिर समितियों ने भी इसकी तैयारियां की हैं। साथ ही इस बार शोभायात्रा और भजन संध्याओं का आयोजन भी नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब है कि शहर में शास्त्रीनगर स्थिल गोल मंदिर, जागृति विहार स्थित मां मंशा देवी मंदिर, सदर स्थित काली मां मंदिर, बाबा औघड़नाथ मंदिर आदि मंदिरों में विशेष रुप से श्रद्धालुओं का तांता नवरात्रों के समय में लगा रहता है। साथ ही भजन संध्याओं का आयोजन भी नवरात्र के दिनों में किया जाता है। लेकिन इस बार गाइडलाइंस के चलते भजन संध्या का आयोजन नहीं किया जाएगा।
शास्त्रीनगर स्थित गोल मंदिर में हर साल होने वाली भजन संध्या इस बार नहीं आयोजित की जाएगी। वहीं, सोमवार को मंदिर से एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाना था। जिसको संक्रमण काल के कारण रद कर दिया गया है। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के महामंत्री सतीश सिंघल ने बताया कि माता रानी के दरबार में विशेष रुप से गाइडलाइंस का पालन कराया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ख्याल मंदिर परिसर में रखा जा रहा है।
घर-घर होगी कलश स्थापना
कोविड संक्रमण के चलते इस बार श्रद्धालुओं द्वारा ज्यादातर घरों में पूजन अर्चन किया जाएगा। वहीं, सभी सुबह के समय माता रानी के शृंगार के साथ कलश स्थापना मुहूर्त के अनुसार ही की जाएगी। संक्रमण के चलते लोग भी मंदिरों में एकत्रित होने से बच रहे हैं। ऐसे में घरों रहते हुए परिवार के साथ ही भजनों का गायन होगा।
आज से होगी हिंदू नववर्ष की शुरूआत
चैत्र प्रतिपदा यानि मंगलवार से हिंदू नववर्ष की शुरूआत हो रही है और आज से ही ग्रहों में राजा और मंत्रीमंडल का गठन होगा। इस दिन की शुरूआत चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से होती है। ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार मंगल ग्रह नए हिंदू नववर्ष के स्वामी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगल भूमि पुत्र है और यह भूमि के कारक ग्रह भी है। जिसकी वजह से इससाल देश को भूमि से संबंधित कार्यो में फायदा हो सकता है।
वहीं चंद्रमा इस साल सेनापति रहेंगे। जिससे बारिश की सौगात लोगों को मिलेगी। वहीं नवरात्र में इसबार पंच महायोग भी बन रहा है। ज्योतिषों के अनुसार नवरात्र में मां दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती के लिए अपनी यात्रा शुरु करती है। इस दौरान मां अपने खास वाहन पर सवार होकर पृथ्वी पर आती है।
इस साल मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही है। अगर नवरात्र की शुरूआत सोमवार या फिर रविवार से हो तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पृथ्वी पर आती है। वहीं नवरात्र जब बुधवार से शुरु होते है तो नाव पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को डोली पर और शनिवार व मंगलवार हो तो घोड़ा उनका वाहन होता है। इसबार नवरात्र मंगलवार से है तो घोड़ा उनका वाहन है। 13 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में रहेंगे।
घट स्थापना शुभ मुहूर्त
सुबह 5 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक है। यदि किसी के पास समय की कमी है तो वह अभिजित मुहूर्त में भी घट स्थापना कर सकता है। सुबह 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक।

