- पहलवान सुशील को हाल ही में पुलिस ने लिया है हिरासत में
सागर कश्यप |
मेरठ: एक खिलाड़ी को हमेशा अपनी भावनाओं पर काबू रखना आवश्यक होता है। कई ऐसा बड़े नाम हैं जिन्होंने अपने क्रोध के चलते खुद के करियर को समाप्त कर लिया। वहीं, हाल ही में पहलवान सुशील कुमार पर लगे आरोपों से भी वह चर्चाओं में बने हुए।
सुशील पर एक पहलवान की हत्या का आरोप है। जिसके चलते उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्त में लिया गया। ओलंपियन सुशील को युवा पहलवान अपना आदर्श मानते हैं। जो उनसे प्रेरणा लेते हैं, लेकिन नामी खिलाड़ी का मर्डर केस में नाम आने के युवा पहलवान भी निराश हैं।
ऐसे कई बड़े नाम खेल जगत में रहे हैं जिन्होंने सिर्फ अपने क्रोध के कारण या फिर खुद पर लगे आरोपों के कारण अपने कॅरियर को खतरे में डाल लिया। वहीं, इनमें अब ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का नाम भी शामिल होने जा रहा है।
ओलंपियन सुशील को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। देश के हजारों युवा पहलवानों का आदर्श माने जाने वाला पहलवान अचानक अर्श से फर्श पर आ गया है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह एक सीख बनती है। अन्य सीनियर खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का भी यही कहना है कि एक खिलाड़ी को हमेशा अपने इमोशन को काबू में रखना चाहिए।
कई बार खेलों में भी ऐसी परिस्थितियां आ जाती है जब खिलाड़ी खुद पर काबू नहीं रख पाते हैं। यह सिर्फ कुश्ती ही नहीं बल्कि कई खेलों में देखा जा चुका है। क्रिकेट में कई बार ऐसा टीवी पर देखने को मिला है। ऐसे में सीनियर प्रशिक्षकों को भी खिलाड़ियों को यही सीख है कि अपनी व्यक्तिगत भावनाओं और क्रोध को काबू में रखकर उन्हें सही दिशा दें।
भावनाओं को दे सकारात्मक दिशा: अलका तोमर
अर्जुन अवार्डी पहलवान अलका तोमर का कहना है कि सुशील पर लगे आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं, लेकिन अगर उसने ऐसा किया है तो वह गलत है। कई युवा खिलाड़ी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और उनसे प्रेरणा लेकर उनके रास्तों पर चलते हैं।
सुशील ने युवा पहलवानों में ओलंपिक पदक को लेकर एक आग जगाई थी। एक खिलाड़ी को अपने इमोशंस पर काबू रखना चाहिए। मेरे समय में भी कई बार खेलते समय गुस्से का सामना करना पड़ा, लेकिन मैं उसे एक सकारात्मक दिशा में बदलती थी। ऐसे में खिलाड़ियों को अपने क्रोध को एक सही दिशा देनी चाहिए।
खिलाड़ी को खेल के प्रति ही रहना चाहिए समर्पित: डा. जबर सिंह सोम
कुश्ती कोच डा. जबर सिंह सोम का कहा कहना है कि एक खिलाड़ी को हमेशा अपने खेल की ओर ही ध्यान लगाना चाहिए और उसी के लिए पूरी तरह से समर्पित रहना चाहिए। जब कोई खिलाड़ी ख्ोल छोड़ देता है तभी उसका दिमाग भटकता है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों के लिए यही सलाह है कि अपने खेल की ओर समर्पित रहे और खेल ही खेलें। सुशील पर जो भी आरोप लग रहे हैं यदि वह सत्य है तो यह बेहद दुख का विषय है। कई युवा पहलवान उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं।

