- पांच माह से चल रहा था झगड़ा, पत्नी को ठहराया जिम्मेदार
- युवक ने बहन के घर में फांसी लगाकर दी जान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: साबिया आई लव यू, तू मेरे प्यार को नहीं समझ पाई। मेरे बेटे को खुश रखना ये बातें एक कागज पर लिखकर युवक ने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। युवक के फांसी लगाने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी को भेज दिया। वहीं, मृतक के जीजा ने उसकी पत्नी के खिलाफ तहरीर दी है।
दिल्ली के सीमापुरी के रहने वाला शहजाद करीब दो साल से अपनी पत्नी साबिया के साथ लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अहमदनगर में किराए के मकान में रहता था। शहजाद का एक बेटा शादमान है, शहजाद ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार को पालन-पोषण कर रहा था।
पिछले पांच महीने से शहजाद का पत्नी साबिया से विवाद चल रहा था। जिसके चलते साबिया तब से अपने मायक लावड़ में रह रही थी। रविवार रात में शहजाद अपनी बहन खुशनुमा पत्नी गुलबहार के घर मदीना कॉलोनी पहुंचा और खाना खाने के बाद एक कमरे में जाकर सो गया।
सोमवार सुबह मकान मालिक साहिद का बेटा मकान की छत पर कपड़े सुखाने पहुंचा तो शहजाद का फांसी पर लटका शव देखकर उसकी चींख निकल गई। जिसके बाद शहजाद की बहन खुशनुमा, जीजा गुलबहार और मकान मालिक साहिद समेत आसपास के लोग वहां पहुंचे तो शहजाद का शव लटका देख दंग रह गए।
इसके बाद गुलबहार ने मामले की जानकारी लिसाड़ी गेट पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और उसकी तलाशी ली तो जेब से तीन टुकड़ों में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें शहजाद ने लिखा था कि वह साबिया और अपने बेटे शादमान से बहुत प्यार करता है, लेकिन साबिया उसके प्यार को नहीं समझ पाई।
सुसाइड नोट में लिखा कि साबिया मेरे बेटे को खुश रखना, आई लव यू साबिया, शादमान। इसके साथ शहजाद ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार पत्नी साबिया को ठहराया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद मोर्चरी भेज दिया। इसके बाद मृतक के जीजा गुलबहार ने लिसाड़ी गेट थाने पहुंचकर साबिया के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।

