Wednesday, April 1, 2026
- Advertisement -

ट्यूबेल पर बिजली मीटर लगाया तो कर्मचारी बनाए जायेंगे बंधक

  • आक्रोश में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने घेरा बिजली घर
  • ट्यूवेल पर बिजली मीटर लगाने के विरोध में किसानों ने किया घेराव

जनवाणी संवादाता |

मेरठ/कंकरखेड़ा: भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिला अध्यक्ष विनोद जाटौली, जिला प्रवक्ता बबलू जाटौली और किसान नेता रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष गौरव जाटोली के नेतृत्व में कंकरखेड़ा बिजली घर का किसानों ने घेराव किया। ग्रामीणों का कहना था कि ट्यूबेल पर मीटर किसी भी कीमत पर नहीं लगने दिया जाएगा। यदि बिजली अधिकारी या कर्मचारी ट्यूवेल पर मीटर लगाते पाये गये तो उन को बंधक बना लिया जाएगा। किसानों का धरना सुबह से चलता रहा।

सरधना रोड पर स्थित बिजली घर में शुक्रवार सुबह भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद जाटौली, जिला प्रवक्ता बबलू जाटौली और रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष गौरव जाटौली के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर बिजली घर पहुंचे। यहां पर किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जिंदाबाद के नारे लगाए।

विनोद जाटौली ने दो टूक कहा कि अभी बिजली विभाग के अधिकारियों को केवल चेतावनी देने बिजलीघर आए हैं। दरअसल बिजली विभाग के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में ट्यूवेल के मीटर लगाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कई राज्यों में बिजली फ्री है। उत्तर प्रदेश में किसानों की ट्यूवेल पर अब लगा दिया जाएगा तो उससे किसानों का दोहरी मार पड़ेगी। अब ऐसी स्थिति किसान झेलने की हालत में नहीं है।

उन्होंने दो टूक कहा यदि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ट्यूवेल पर मीटर लगाते हुए पाए जाते हैं। तो उन्हें बंधक बना लिया जाएगा। गौरव ने कहा सरकार की अब अति हो चुकी है। अब किसान ऐसी कोई भी योजना लागू नहीं होने देगा जिससे किसानों का अहित होता हो। इस अवसर पर मनोज जटौली सहित अन्य काफी संख्या में किसान
मौजूद रहे।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

आप बुरी लतों के शिकार तो नहीं

भाषणा बांसल अधिकांश लोग चाय, कॉफी का सेवन करते हैं...

संभव है स्तन कैंसर से बचाव

रूबी महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बाद स्तन...

दौलत और शोहरत मिली है बहुत

जंगल की आग लहू के फूल बहुत खिल चुके!...

डिजिटल जनगणना की ऐतिहासिक शुरुआत

भारत जैसे विशाल और विविधताओं से भरे देश में...

एक राजनीतिक बहस का अंत

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया...
spot_imgspot_img