- कहीं माया की कास्ट मिस्ट्री में न उलझ कर रह जाएं प्रत्याशी
- बसपा ने दक्षिण और शहर विधानसभा से उतारा है मुस्लिम प्रत्याशियों को
- सपा की ओर से भी उतारे गये हैं मुस्लिम प्रत्याशी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बहुजन समाज पार्टी की ओर से मेरठ में सातों विधानसभा सीटों पर पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। यहां पार्टी ने शहर और दक्षिण विधानसभा और शहर विधानसभा सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को उतार है, जिसने सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों के लिये टेंशन पैदा कर दी है। कहा जाये वहीं भाजपा को सीधा लाभ मिलता नजर आ रहा है। वर्ष 2017 की बात करें तो शहर सीट पर बसपा ने यहां पंकज जौली का टिकट दिया था, जिसका लाभ सपा को पहुंचा था और सीट रफीक अंसारी को मिल गई थी, लेकिन इस बार हालात ऐसे नहीं है।
बसपा की ओर से शहर में सभी सातों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। वहीं, शनिवार को भाजपा की ओर से भी सातों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है, लेकिन बात सिर्फ शहर और दक्षिण विधानसभा सीट की जाये तो यहां बसपा ने सीधे सपा रालौद गठबंधन के लिये मुस्किलें पैदा कर दी हैं। बसपा की ओर से शहर सीट पर हाजी दिलशाद शौकत और दक्षिण विधानसभा सीट पर कुंवर दिलशाद अली को उतारा गया है।
अब बात सपा रालोद की करें तो यहां सपा की ओर से शहर सीट पर वर्तमान विधायक रफीक अंसारी को ही टिकट दिया गया है और दक्षिण विधानसभा सीट पर आदिल चौधरी को टिकट दिया गया है। ऐसे में दोनों सीटों पर बसपा और सपा की ओर से मुस्लिम प्रत्याशी उतारे गये हैं जिसमें भाजपा की ओर से दक्षिण विधान सभा सीट पर वर्तमान विधायक डा. सोमेन्द्र तोमर और शहर सीट पर भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा को टिकट दिया गया है।
साफ देखा जा सकता है कि यहां दोनों ही सीटों पर मुस्लम वोटों का बंटवारा होगा जिसका सीधा लाभ यहां भाजपा को मिलता नजर आयेगा। कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस अभी तक यहां अपना उम्मीदवार ही घोषित नहीं कर पाई है, लेकिन उम्मीद लगाई जा रही है कि कांग्रेस की ओर से शहर सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को ही टिकट दिया जा सकता है।
दक्षिण में भी रहा था यही हाल
वर्ष 2017 में दक्षिण विधानसभा में भी यही हाल रहा था। यहां बसपा की ओर से याकूब कुरैशी तो कांग्रेस की ओर से आजाद सैफी ने चुनाव लड़ा था जहां मुस्लिम वोटों का बंटवारा हुआ और हिंदू वोट भाजपा प्रत्याशी डा. सोमेन्द्र तोमर को मिला। जिसके चलते वह जीतते नजर आये। इस बार भी यहां यही नजर आ रहा है। सपा और बसपा की ओर से मुस्लिम प्रत्याशी उतारा गया है और भाजपा ने डा. सोमेन्द्र तोमर पर ही दांव खेला है।
2017 में शहर से बसपा ने पंकज जौली को उतारा था
शहर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन वर्ष 2017 में यहां बसपा की ओर से पंकज जौली को टिकट दिया गया और सपा की ओर से रफीक अंसारी को टिकट मिला था। वहीं, दूसरी ओर लक्ष्मीकांत वाजपेयी यहां से भाजपा से लड़ रहे थे। यहां मुस्लिम वोट एकतरफा रफीक अंसारी को पड़ा और हिंदू वोट बसपा और भाजपा के बीच बंट गये। जिसका सीधा लाभ रफीक को मिला और वह यहां चुनाव जीत गये, लेकिन इस बार मुस्लिम वोट बंटता नजर आ रहा है और हिंदू वोट एकतरफा पड़ेगा। जिससे यहां भाजपा को लाभ मिल सकता है।
2017 में शहर विधानसभा की स्थिति
सपा से विजयी प्रत्याशी- रफीक अंसारी
कुल वोट मिले- 103140 (28820 वोटों से विजयी)
भाजपा से डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी- 74320 वोट मिले
बसपा से पंकज जौली- 12617 वोट मिले
2017 में दक्षिण विधानसभा की स्थिति
भाजपा से विजयी प्रत्याशी- डा. सोमेन्द्र तोमर
कुल वोट मिले- 113225 (35395 वोटों से विजयी)
बसपा से याकूब कुरैशी- 77830 वोट मिले
आजाद सैफी कांग्रेस – 69117 वोट मिले

